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पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से युवक की मौत
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विशाल दरियाल(फाइल)
- फोटो : PITHORAGARH
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धारचूला (पिथौरागढ़)। पहाड़ी से गिरे बोल्डर की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई। युवक की मौत से परिवार के सदस्य और ग्रामीण गहरे सदमे में हैं।
न्यू सोबला निवासी विशाल दरियाल (28) बुधवार की देर शाम को किसी काम से धारचूला आ रहे थे। नारायणपुर के पास पहाड़ी से गिरे बोल्डर की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
मृतक के परिजनों ने प्रशासन को सूचना दी। एसआई हरजीत सिंह ने बताया कि पंचनामे और पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।
तवाघाट-सोबला सड़क पिछले 50 दिनों से बंद चल रही है। इससे सीमांत के लोग पैदल आवाजाही कर रहे हैं। भारी बारिश के कारण बोल्डर और मलबे के गिरने से कई जगह खतरा हो रहा है।
पोकलैंड की चपेट में आने से हेल्पर की मौत
लोहाघाट (चंपावत)। पीएमजीएसवाई की निर्माणाधीन सिंगदा-तवाघाट सड़क पर पोकलैंड की चपेट में आकर हेल्पर की मौत हो गई है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
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बृहस्पतिवार को सिंगदा-तवाघाट मार्ग पर सड़क कटिंग का कार्य चल रहा था। इसी दौरान पोकलैंड का हेल्पर सिंगदा निवासी पवन सिंह सामंत (18) पुत्र अर्जुन सिंह उसकी चपेट में आकर बुरी तरह से जख्मी हो गया।
घटना स्थल पर मौजूद लोगों ने घायल पवन को लोहाघाट उपजिला अस्पताल पहुंचाया। जहां चिकित्सक डॉ. लवप्रीत ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पवन तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसकी मौत के बाद मां कमला देवी सहित परिजन गहरे सदमे में हैं।
घटना की सूचना मिलते ही मृतक के ताऊ गणेश सिंह, चाचा कुमार सिंह, शंकर सिंह, जगत सिंह, दीवान सिंह, हरीश सिंह आदि ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए। एसओ मनीष खत्री का कहना है कि किसी भी पक्ष की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है। इस मामले की जांच एसआई मनराल कर रहे हैं।
एनएच पर भी बना है खतरा, तीन महीने में हो चुकी हैं चार मौतें
चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माणाधीन बारहमासी सड़क कई जगह खतरनाक बनी हुई है। एनएच खंड के ईई एलडी मथेला कहते हैं कि इस सड़क पर 15 जगहें अति संवेदनशील बनी है।
इसी साल मई से इस सड़क पर चार लोगों की पत्थर गिरने या मलबे की चपेट में आने से मौत हो चुकी है। स्वांला, धौन, भारतोली आदि में ये हादसे हुए हैं। इसके अलावा तीन लोग जख्मी भी हो चुके हैं।
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न्यू सोबला निवासी विशाल दरियाल (28) बुधवार की देर शाम को किसी काम से धारचूला आ रहे थे। नारायणपुर के पास पहाड़ी से गिरे बोल्डर की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
मृतक के परिजनों ने प्रशासन को सूचना दी। एसआई हरजीत सिंह ने बताया कि पंचनामे और पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।
तवाघाट-सोबला सड़क पिछले 50 दिनों से बंद चल रही है। इससे सीमांत के लोग पैदल आवाजाही कर रहे हैं। भारी बारिश के कारण बोल्डर और मलबे के गिरने से कई जगह खतरा हो रहा है।
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पोकलैंड की चपेट में आने से हेल्पर की मौत
लोहाघाट (चंपावत)। पीएमजीएसवाई की निर्माणाधीन सिंगदा-तवाघाट सड़क पर पोकलैंड की चपेट में आकर हेल्पर की मौत हो गई है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
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बृहस्पतिवार को सिंगदा-तवाघाट मार्ग पर सड़क कटिंग का कार्य चल रहा था। इसी दौरान पोकलैंड का हेल्पर सिंगदा निवासी पवन सिंह सामंत (18) पुत्र अर्जुन सिंह उसकी चपेट में आकर बुरी तरह से जख्मी हो गया।
घटना स्थल पर मौजूद लोगों ने घायल पवन को लोहाघाट उपजिला अस्पताल पहुंचाया। जहां चिकित्सक डॉ. लवप्रीत ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पवन तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसकी मौत के बाद मां कमला देवी सहित परिजन गहरे सदमे में हैं।
घटना की सूचना मिलते ही मृतक के ताऊ गणेश सिंह, चाचा कुमार सिंह, शंकर सिंह, जगत सिंह, दीवान सिंह, हरीश सिंह आदि ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए। एसओ मनीष खत्री का कहना है कि किसी भी पक्ष की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है। इस मामले की जांच एसआई मनराल कर रहे हैं।
एनएच पर भी बना है खतरा, तीन महीने में हो चुकी हैं चार मौतें
चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माणाधीन बारहमासी सड़क कई जगह खतरनाक बनी हुई है। एनएच खंड के ईई एलडी मथेला कहते हैं कि इस सड़क पर 15 जगहें अति संवेदनशील बनी है।
इसी साल मई से इस सड़क पर चार लोगों की पत्थर गिरने या मलबे की चपेट में आने से मौत हो चुकी है। स्वांला, धौन, भारतोली आदि में ये हादसे हुए हैं। इसके अलावा तीन लोग जख्मी भी हो चुके हैं।