{"_id":"618c05e8c9d42e42646cb5f6","slug":"danger-in-pithauragarh-road-pithoragarh-news-hld444129770","type":"story","status":"publish","title_hn":"बदहाल सड़कों में नहीं वाहनों की सुरक्षा के कोई इंतजाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बदहाल सड़कों में नहीं वाहनों की सुरक्षा के कोई इंतजाम
विज्ञापन
Danger in Pithauragarh Road
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिथौरागढ़। जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग से लेकर ग्रामीण क्षेत्र की सड़कें बदहाल पड़ी हैं। लोगों को जान हथेली में रखकर आवागमन करना पड़ रहा है। थोड़ा सा चूकने पर सैकड़ों फुट गहरी खाई या फिर उफनाती नदियों में गिरने का खतरा रहता है। चिंताजनक बात यह है कि इन सड़कों में दुर्घटना संभावित स्थलों में क्रैश बैरियर तक नहीं लगाए गए हैं।
निर्माणाधीन पिथौरागढ़-घाट बारहमासी सड़क अब काफी चौड़ी हो चुकी है लेकिन पहाड़ी से हो रहे भूस्खलन के कारण यह सड़क मटेला के समीप स्थित चुपकोट बैंड में खतरनाक बनी हुई है। चार दिन पूर्व ही इस स्थान पर हुई कार दुर्घटना में दंपती और उनके पुत्र की मौत हो गई थी। लगभग पांच वर्ष पूर्व भी इसी स्थान पर हुई कार दुर्घटना में सीओ सहित चार की मौत हो गई थी। यदि इस स्थान पर सड़क में क्रैश बैरियर लगे होते तो संभवत: यह दुर्घटनाएं नहीं होतीं।
कुछ ऐसी ही स्थिति दिल्ली बैंड में भी बनी हुई है। यहां पर भी बरसात में पहाड़ी से विशालकाय बोल्डर सड़क पर गिरते रहते हैं। इस स्थान पर पहाड़ी से लगातार बोल्डर और मलबा आने से बार-बार सड़क टूट रही है इससे सुरक्षा के इंतजाम करना निर्माणदायी एजेंसियों के लिए कठिन होता जा रहा है।
विज्ञापन
थल-मुनस्यारी, जौलजीबी-मुनस्यारी और जौलजीबी-धारचूला-तवाघाट की हालत भी ऐसी ही है। राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ-साथ सीमा सड़क होने के बावजूद इन सड़कों में सभी खतरनाक स्थलों पर न तो पैरापिट बने हैं और न ही क्रैश बैरियर लगे हैं। कुछ स्थानों जो क्रैश बैरियर लगे भी हैं, वह क्षतिग्रस्त हैं।
मदकोट से मुनस्यारी विकासखंड के गोरीपार को जाने वाली सड़क भी पूरी तरह से बदहाल पड़ी है। इस सड़क में गड्ढे ही गड्ढे बने हुए हैं। एक तरफ खतरनाक पहाड़ी से बोल्डर-मलबा गिरने का डर बना रहता है तो दूसरी ओर उफनाती गोरी नदी में गिरने का खतरा बना रहता है। हालात यह हैं कि थोड़ी सी असावधानी से वाहन में बैठे लोगों की जान संकट में पड़ सकती है। इस सड़क में लोग जान हथेली पर रखकर आवागमन कर रहे हैं।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने थल-मुनस्यारी सड़क में लोक निर्माण विभाग को सभी दुर्घटना संभावित स्थानों पर क्रैश बैरियर लगाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बदहाल सड़कें दुर्घटना का कारण न बनें इसके लिए सड़कों का सुधार और सुरक्षा के इंतजाम करने को कहा है।
विज्ञापन
निर्माणाधीन पिथौरागढ़-घाट बारहमासी सड़क अब काफी चौड़ी हो चुकी है लेकिन पहाड़ी से हो रहे भूस्खलन के कारण यह सड़क मटेला के समीप स्थित चुपकोट बैंड में खतरनाक बनी हुई है। चार दिन पूर्व ही इस स्थान पर हुई कार दुर्घटना में दंपती और उनके पुत्र की मौत हो गई थी। लगभग पांच वर्ष पूर्व भी इसी स्थान पर हुई कार दुर्घटना में सीओ सहित चार की मौत हो गई थी। यदि इस स्थान पर सड़क में क्रैश बैरियर लगे होते तो संभवत: यह दुर्घटनाएं नहीं होतीं।
विज्ञापन
कुछ ऐसी ही स्थिति दिल्ली बैंड में भी बनी हुई है। यहां पर भी बरसात में पहाड़ी से विशालकाय बोल्डर सड़क पर गिरते रहते हैं। इस स्थान पर पहाड़ी से लगातार बोल्डर और मलबा आने से बार-बार सड़क टूट रही है इससे सुरक्षा के इंतजाम करना निर्माणदायी एजेंसियों के लिए कठिन होता जा रहा है।
विज्ञापन
थल-मुनस्यारी, जौलजीबी-मुनस्यारी और जौलजीबी-धारचूला-तवाघाट की हालत भी ऐसी ही है। राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ-साथ सीमा सड़क होने के बावजूद इन सड़कों में सभी खतरनाक स्थलों पर न तो पैरापिट बने हैं और न ही क्रैश बैरियर लगे हैं। कुछ स्थानों जो क्रैश बैरियर लगे भी हैं, वह क्षतिग्रस्त हैं।
मदकोट से मुनस्यारी विकासखंड के गोरीपार को जाने वाली सड़क भी पूरी तरह से बदहाल पड़ी है। इस सड़क में गड्ढे ही गड्ढे बने हुए हैं। एक तरफ खतरनाक पहाड़ी से बोल्डर-मलबा गिरने का डर बना रहता है तो दूसरी ओर उफनाती गोरी नदी में गिरने का खतरा बना रहता है। हालात यह हैं कि थोड़ी सी असावधानी से वाहन में बैठे लोगों की जान संकट में पड़ सकती है। इस सड़क में लोग जान हथेली पर रखकर आवागमन कर रहे हैं।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने थल-मुनस्यारी सड़क में लोक निर्माण विभाग को सभी दुर्घटना संभावित स्थानों पर क्रैश बैरियर लगाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बदहाल सड़कें दुर्घटना का कारण न बनें इसके लिए सड़कों का सुधार और सुरक्षा के इंतजाम करने को कहा है।

इस तरह बदहाल पड़ी है मुनस्यारी विकासखंड की मदकोट-गोरीपार सड़क। संवाद- फोटो : PITHORAGARH