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सड़क के मलबे से खेतों को नुकसान

Wed, 13 Dec 2017 10:24 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, धारचूला
ब्यूरो/अमर उजाला, धारचूला Updated Wed, 13 Dec 2017 10:24 PM IST
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Damages to the fields from the debris of the road
धारचूला में एसडीएम से वार्ता करते ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला

गर्बाधार से चीन सीमा पर स्थित लिपुलेख दर्रे तक बन रही सड़क के मलबे से बूंदी गांव में 40 परिवारों के खेत दब गए हैं। बूंदी गांव में खेतों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। लोगों का आरोप है कि सीमा सड़क संगठन ने पुराने सर्वे के बजाए नए स्थान से सड़क बनाने का काम शुरू किया है। इसी कारण खेतों में ज्यादा मलबा पट रहा है। गांव के लोग बुधवार को एसडीएम आरके पांडे से मिलने पहुंचे। लोगों का कहना है कि अब तक जितना नुकसान हो गया है, उसका मुआवजा दिया जाए और भविष्य में खेतों को नुकसान न हो, इसकी व्यवस्था की जाए।

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ग्राम प्रधान लक्ष्मी रायपा, भाजपा नेता महेंद्र बुदियाल, हेमंत बुदियाल और जगत सिंह बुदियाल ने एसडीएम को बताया कि पहले सड़क का सर्वे दूसरे स्थान से किया गया था। बाद में इस सर्वे के मुताबिक सड़क काटने के बजाए गांव के नजदीक से सड़क काटनी शुरू कर दी। इससे व्यापक स्तर पर नुकसान हो रहा है। मलबे से पैदल रास्ते नष्ट हो गए हैं। पानी के स्रोतों में भी मलबा पटने लगा है।
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एसडीएम पांडे ने कहा कि राजस्व विभाग की टीम को भेजकर खेतों को हुए नुकसान का सर्वे किया जाएगा। यदि खेतों को नुकसान पहुंचा होगा तो निर्माण एजेंसी को मुआवजा देना पड़ेगा। गांव के लोगों का कहना है कि सीमांत के लिए सड़क का निर्माण तो अच्छा कदम है, लेकिन इससे किसानों को नुकसान न पहुंचे इसका ध्यान देना चाहिए। 

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