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पुलिया 2 लाख की भी नहीं, भुगतान 8.60 लाख
ब्यूरो/अमर उजाला, गणाईगंगोली
Updated Tue, 16 Aug 2016 10:24 PM IST
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आठ लाख की लागत से बना सलिया पुल
- फोटो : अमर उजाला
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जिला पंचायत के कामों से लगता है कि सरकारी धन की लूट मची है। यहां सलिया में 2 लाख से कम लागत की पुलिया निर्माण के लिए 8.60 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया है। ग्राम प्रधान के विरोध के बावजूद ऐसी जगह पुलिया का निर्माण कर दिया गया, जहां जरूरत ही नहीं थी।
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स्पेशल कंपोनेंट प्लान के तहत अनुसूचित जाति बहुल ग्राम पंचायत फडियाली के गधेरे में 15 लाख रुपये की लागत से पुल का निर्माण होना था, लेकिन जिला पंचायत ने छह माह पहले सलिया गांव के गधेरे में 8 मीटर लंबे और तीन फीट चौड़ी पुलिया का निर्माण कर दिया। पुलिया में सेंटर बीम भी नहीं है। यह रास्ता जंगल को जाता है। फडियाली में पुल बनता तो अनुसूचित जाति के 150 परिवारों के साथ ही नायल, भालूगाड़ा, काकड़ा और पभ्या के कम से कम 2000 ग्रामीणों को लाभ मिलता जबकि सलिया में अनुसूचित जाति के मात्र पांच परिवार रहते हैं।
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मानकों के अनुसार पुलिया की चौड़ाई छह फीट होनी चाहिए, लेकिन धन खपाने के लिए पुलिया मात्र तीन फीट चौड़ी बनाई गई। जिला पंचायत के सहायक अभियंता निर्मल उप्रेती ने 8.60 लाख रुपये का भुगतान होने की पुष्टि की है। कैसे इतनी बड़ी रकम का भुगतान हो गया, इसका जिला पंचायत के अधिकारियों के पास कोई जवाब नहीं है।
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डीएम, सीएम से शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं
फडियाली की प्रधान शकुंतला देवी कहती हैं कि पुलिया निर्माण में की गई घपलेबाजी की शिकायत डीएम, विधायक और सीएम से भी की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
गलत हुआ होगा तो होगी कार्रवाई
जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी जेपी आर्या कहते हैं कि इस बारे में जेई, एई से जानकारी ली जा रही है। गलत हुआ होगा तो कार्रवाई होगी।
सीडीओ को पुलिया की जांच के निर्देश दिए गए हैं। अनुसूचित जाति के विकास के लिए आए धन का दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा। -नारायण राम आर्य, अध्यक्ष अनुसूचित जाति आयोग/विधायक गंगोलीहाट
तीन फीट चौड़ी पुलिया बन ही नहीं सकती। नियम छह फीट का है। सेंटर बीम का न होना, 8.60 लाख खर्च होना अनियमितता है। इसकी जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। -आशीष कुमार चौहान, मुख्य विकास अधिकारी पिथौरागढ़