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Pithoragarh News: व्यालधार में पहाड़ी दरकने से आदि कैलाश मार्ग छह घंटे ठप
Tue, 25 Aug 2026 10:57 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Tue, 25 Aug 2026 10:57 PM IST
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पिथौरागढ़/धारचूला। सीमांत जिले में मौसम के बिगड़े मिजाज ने एक बार फिर मुश्किलें बढ़ा दी हैं। झमाझम बारिश के बीच धारचूला के व्यालधार में हुए भारी भूस्खलन से आदि कैलाश मार्ग छह घंटे तक बाधित रहा। चीन सीमा को जोड़ने वाले तवाघाट-धारचूला हाईवे पर भी कुलागाड़ और मलघाट में बोल्डर और मलबा गिरने से तीन घंटे तक आवागमन ठप रहा। बेड़ीनाग में सर्वाधिक 63.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। रास्तों में घंटों फंसे रहने के बाद यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा हालांकि प्रशासन और मशीनरी की कड़ी मशक्कत के बाद यातायात किसी तरह सुचारु कराया जा सका।
मंगलवार सुबह सात बजे के करीब कैलाश यात्रा मार्ग पर पांगला से दो किलोमीटर आगे व्यालधार के पास पहाड़ी दरकने से भारी मात्रा में बोल्डर और मलबा गिर गया। ऐसे में इस मार्ग पर आवाजाही ठप हो गई और दोनों तरफ 50 से अधिक वाहन और 250 से अधिक यात्री फंस गए।
वहीं सुबह के समय मलघाट और कुलागाड़ में बोल्डर गिरने से तवाघाट-धारचूला हाईवे भी बंद हो गया। बीआरओ ने छह घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आदि कैलाश यात्रा मार्ग पर बोल्डर हटाकर आवाजाही शुरू कराई। वहीं तीन घंटे बाद तवाघाट-धारचूला हाईवे पर भी आवाजाही सुचारु हुई तब जाकर फंसे यात्री गंतव्य को रवाना हो सके। बीआरओ के मुताबिक, आदि कैलाश मार्ग पर व्यालधार के पास फिर से पहाड़ी पर भूस्खलन की आशंका है। ऐसे में बीआरओ ने वाहन चालकों और यात्रियों से सतर्कता के साथ सफर करने की अपील की है।
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11 ग्रामीण सड़कों पर भी आवाजाही ठप
बारिश के बाद मलबा और बोल्डर गिरने से 11 ग्रामीण सड़कों पर आवाजाही ठप है। ड्योड़ा-बारमौ, बड़ाबे-शिलिंगिया, सोबला-उमचिया, होकरा-नामिक, एलागाड़-जुम्मा, बांसबगड़-माणीधामी, धापा-बुईं पातों, कालिका-खुमती, पांगला-जयकोट, देवीसौना-गराली, मालाकोट-लोध सड़कें बंद होने से बड़ी आबादी को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसमें अधिकांश सड़कें धारचूला विकासखंड की हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी भूपेंद्र महर ने कहा कि सड़कों को खोलने का काम लगातार जारी है। जल्द सड़कों पर आवाजाही शुरू कराई जाएगी।
जिले में बारिश का आंकड़ा (एमएम में)
पिथौरागढ़ 9.0
बेरीनाग 63.2
मुनस्यारी 8.2
बंगापानी 6.0
गणाई गंगोली 2.0
देवलथल 3.0
गंगोलीहाट 14.5
डीडीहाट 18.4
धारचूला 3.6
कनालीछीना 22.2
तेजम 6.0
थल 25.0
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मंगलवार सुबह सात बजे के करीब कैलाश यात्रा मार्ग पर पांगला से दो किलोमीटर आगे व्यालधार के पास पहाड़ी दरकने से भारी मात्रा में बोल्डर और मलबा गिर गया। ऐसे में इस मार्ग पर आवाजाही ठप हो गई और दोनों तरफ 50 से अधिक वाहन और 250 से अधिक यात्री फंस गए।
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वहीं सुबह के समय मलघाट और कुलागाड़ में बोल्डर गिरने से तवाघाट-धारचूला हाईवे भी बंद हो गया। बीआरओ ने छह घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आदि कैलाश यात्रा मार्ग पर बोल्डर हटाकर आवाजाही शुरू कराई। वहीं तीन घंटे बाद तवाघाट-धारचूला हाईवे पर भी आवाजाही सुचारु हुई तब जाकर फंसे यात्री गंतव्य को रवाना हो सके। बीआरओ के मुताबिक, आदि कैलाश मार्ग पर व्यालधार के पास फिर से पहाड़ी पर भूस्खलन की आशंका है। ऐसे में बीआरओ ने वाहन चालकों और यात्रियों से सतर्कता के साथ सफर करने की अपील की है।
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11 ग्रामीण सड़कों पर भी आवाजाही ठप
बारिश के बाद मलबा और बोल्डर गिरने से 11 ग्रामीण सड़कों पर आवाजाही ठप है। ड्योड़ा-बारमौ, बड़ाबे-शिलिंगिया, सोबला-उमचिया, होकरा-नामिक, एलागाड़-जुम्मा, बांसबगड़-माणीधामी, धापा-बुईं पातों, कालिका-खुमती, पांगला-जयकोट, देवीसौना-गराली, मालाकोट-लोध सड़कें बंद होने से बड़ी आबादी को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसमें अधिकांश सड़कें धारचूला विकासखंड की हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी भूपेंद्र महर ने कहा कि सड़कों को खोलने का काम लगातार जारी है। जल्द सड़कों पर आवाजाही शुरू कराई जाएगी।
जिले में बारिश का आंकड़ा (एमएम में)
पिथौरागढ़ 9.0
बेरीनाग 63.2
मुनस्यारी 8.2
बंगापानी 6.0
गणाई गंगोली 2.0
देवलथल 3.0
गंगोलीहाट 14.5
डीडीहाट 18.4
धारचूला 3.6
कनालीछीना 22.2
तेजम 6.0
थल 25.0