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ओलावृष्टि से चौपट हुईं फसलें, किसान निराश
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पिथौरागढ़ में ओलावृष्टि से आड़ू, पुलम खुमानी की फसल बर्बाद हो गई है। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : PITHORAGARH
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ में बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसल पूरी तरह से चौपट हो गई है। जिले के ज्यादातर स्थानों में फसल तैयार थी, लेकिन ओलावृष्टि से फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। ओलावृष्टि से सर्वाधिक नुकसान गेहूं, जौ दलहनी फसल और बागवानी को हुआ है। किसानों ने सरकार फसल का मुआवजा देने की मांग की है।
पिथौरागढ़ में किसानों ने करीब 32 हजार हेक्टेयर में रवी की फसल बोई हुई थी। इसमें 21 हजार हेक्टेयर में गेहूं, 3950 हेक्टेयर में जौ, 130 हेक्टेयर में चना, 185 हेक्टेयर में मटर और मसूर और 445 हेक्टेयर सरसों की फसल बोई गई है। मौजूदा समय में कई स्थानों में किसानों ने फसल की कटाई भी शुरू नहीं की थी। बे-मौसम हुई ओलावृष्टि से फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। किसानों ने सरकार से नुकसान का आंकलन कर फसलों का उचित मुआवजा देने की मांग की है। ओलावृष्टि से सर्वाधिक नुकसान कनालीछीना, गुड़ौली, अस्कोड़ा, सुरौड़, देवलथल, सतगढ़, मड़मानले,भौड़ी, पनखोली में हुआ है।
पनखोली ग्राम प्रधान नवीन चंद्र कापड़ी, भौड़ी की दीपा चंद ने नुकसान का आंकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग की है। बेड़ीनाग के पांखू, थल कांडे किरोली, राईआगर, चौड़मन्या, पुरनाथल, पातालभुवनेश्वर, नाचनी क्षेत्र में भी ओलावृष्टि से तबाही मची है। मड़मानले में भी ओलों से भारी तबाही हुई है। जिला कृषि अधिकारी अमरेंद्र चौधरी और जिला उद्यान अधिकारी आरएस वर्मा का कहना है कि नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। इसके बाद ही मुआवजे की कार्रवाई की जाएगी।
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पिथौरागढ़ में किसानों ने करीब 32 हजार हेक्टेयर में रवी की फसल बोई हुई थी। इसमें 21 हजार हेक्टेयर में गेहूं, 3950 हेक्टेयर में जौ, 130 हेक्टेयर में चना, 185 हेक्टेयर में मटर और मसूर और 445 हेक्टेयर सरसों की फसल बोई गई है। मौजूदा समय में कई स्थानों में किसानों ने फसल की कटाई भी शुरू नहीं की थी। बे-मौसम हुई ओलावृष्टि से फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। किसानों ने सरकार से नुकसान का आंकलन कर फसलों का उचित मुआवजा देने की मांग की है। ओलावृष्टि से सर्वाधिक नुकसान कनालीछीना, गुड़ौली, अस्कोड़ा, सुरौड़, देवलथल, सतगढ़, मड़मानले,भौड़ी, पनखोली में हुआ है।
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पनखोली ग्राम प्रधान नवीन चंद्र कापड़ी, भौड़ी की दीपा चंद ने नुकसान का आंकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग की है। बेड़ीनाग के पांखू, थल कांडे किरोली, राईआगर, चौड़मन्या, पुरनाथल, पातालभुवनेश्वर, नाचनी क्षेत्र में भी ओलावृष्टि से तबाही मची है। मड़मानले में भी ओलों से भारी तबाही हुई है। जिला कृषि अधिकारी अमरेंद्र चौधरी और जिला उद्यान अधिकारी आरएस वर्मा का कहना है कि नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। इसके बाद ही मुआवजे की कार्रवाई की जाएगी।
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