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साधुवेशधारी तीन संदिग्ध लोग कौन थे, पुलिस कर रही पड़ताल
Updated Fri, 08 Jun 2018 10:44 PM IST
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धारचूला (पिथौरागढ़)। करीब दो माह पहले साधु के वेश में आए तीन संदिग्ध लोग धन दोगुना करने का लालच देकर लाखों के गहने और रकम लेकर चंपत हो गए। ग्रामीणों के अनुसार डीडीहाट से आईएसआई एजेंट के पकड़े जाने के बाद से ही साधुवेशधारी तीनों लोग गायब हैं। इनकी संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पर एसपी ने एलआईयू को मामले की तह तक जाने का जिम्मा सौंपा है।
ग्रामीणों के मुताबिक कुछ माह पहले एक महिला और दो पुरुष साधु के वेश में धारचूला के सिनियाखोला गांव आए थे। तीनों चार किमी की चढ़ाई पर स्थित धारचूला कोट स्थित मंदिर में रहने लगे। इस दौरान तीनों साधु वेशधारियों की क्षेत्र के कुछ संभ्रांत व्यक्तियों ने खूब आवभगत की। इससे स्थानीय ग्रामीणों का विश्वास और अधिक बढ़ गया। इसके बाद साधु वेशधारियों ने मंदिर में चढ़ावे के रूप में दिए जाने वाले रुपये और गहनों को दोगुना करने का झांसा देकर लोगों के गहने और रुपये अपने पास रखवा लिए। 45 दिनों तक ग्रामीणों से सामान ढुलान सहित तमाम कार्य करवाए गए लेकिन कोई मजदूरी नहीं दी। ग्रामीणों के धन और गहने वापस मांगने पर तीनों ने स्थानीय निवासी विजय सिंह को हल्द्वानी चलने को कहा।
हल्द्वानी से तीनों विजय को हरिद्वार ले गए, जहां उसे नशीला पदार्थ सुंघाकर और उसके पास मौजूद रुपये लूटकर फरार हो गए। विजय ने बताया कि किसी तरह उसने दिल्ली में नौकरी करने वाले अपने बेटे को जानकारी दी। इसके बाद वह घर लौटा। शुक्रवार को ग्रामीण कृष्ण सिंह साही की ओर से अशोक जैन, भारती और कन्हैया के खिलाफ पुलिस केे तहरीर सौंपकर कार्रवाई की मांग की गई।
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आईएसआई का नाम आने पर खुफिया अलर्ट
ग्रामीणों ने बताया कि कोट मंदिर में साधु वेश में रहने वाले लोगों के पास लैपटॉप और महंगे कैमरे थे। कोट मंदिर से वह दिन भर फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी करते थे। इस बीच कई अनजान लोग भी उनसे मिलने आते थे। ग्रामीणों के अनुसार डीडीहाट में आईएसआई एजेंट के पकड़े जाने के दूसरे दिन ही तीनों साधुवेश धारी एक जीप में बैठकर हल्द्वानी रवाना हो गए थे। विजय सिंह के अनुसार हरिद्वार में महिला और पुरुष ने साधु का वेश छोड़ दिया था। इस खबर से खुफिया अलर्ट हो गई है।
- कुछ संदिग्ध लोगों के सीमांत क्षेत्र के एक मंदिर में रुकने का मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच का जिम्मा एलआईयू को सौंपा गया है। शीघ्र ही मामले का खुलासा कर लिया जाएगा। - रामचंद्र राजगुरु, पुलिस अधीक्षक, पिथौरागढ़।
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ग्रामीणों के मुताबिक कुछ माह पहले एक महिला और दो पुरुष साधु के वेश में धारचूला के सिनियाखोला गांव आए थे। तीनों चार किमी की चढ़ाई पर स्थित धारचूला कोट स्थित मंदिर में रहने लगे। इस दौरान तीनों साधु वेशधारियों की क्षेत्र के कुछ संभ्रांत व्यक्तियों ने खूब आवभगत की। इससे स्थानीय ग्रामीणों का विश्वास और अधिक बढ़ गया। इसके बाद साधु वेशधारियों ने मंदिर में चढ़ावे के रूप में दिए जाने वाले रुपये और गहनों को दोगुना करने का झांसा देकर लोगों के गहने और रुपये अपने पास रखवा लिए। 45 दिनों तक ग्रामीणों से सामान ढुलान सहित तमाम कार्य करवाए गए लेकिन कोई मजदूरी नहीं दी। ग्रामीणों के धन और गहने वापस मांगने पर तीनों ने स्थानीय निवासी विजय सिंह को हल्द्वानी चलने को कहा।
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हल्द्वानी से तीनों विजय को हरिद्वार ले गए, जहां उसे नशीला पदार्थ सुंघाकर और उसके पास मौजूद रुपये लूटकर फरार हो गए। विजय ने बताया कि किसी तरह उसने दिल्ली में नौकरी करने वाले अपने बेटे को जानकारी दी। इसके बाद वह घर लौटा। शुक्रवार को ग्रामीण कृष्ण सिंह साही की ओर से अशोक जैन, भारती और कन्हैया के खिलाफ पुलिस केे तहरीर सौंपकर कार्रवाई की मांग की गई।
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आईएसआई का नाम आने पर खुफिया अलर्ट
ग्रामीणों ने बताया कि कोट मंदिर में साधु वेश में रहने वाले लोगों के पास लैपटॉप और महंगे कैमरे थे। कोट मंदिर से वह दिन भर फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी करते थे। इस बीच कई अनजान लोग भी उनसे मिलने आते थे। ग्रामीणों के अनुसार डीडीहाट में आईएसआई एजेंट के पकड़े जाने के दूसरे दिन ही तीनों साधुवेश धारी एक जीप में बैठकर हल्द्वानी रवाना हो गए थे। विजय सिंह के अनुसार हरिद्वार में महिला और पुरुष ने साधु का वेश छोड़ दिया था। इस खबर से खुफिया अलर्ट हो गई है।
- कुछ संदिग्ध लोगों के सीमांत क्षेत्र के एक मंदिर में रुकने का मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच का जिम्मा एलआईयू को सौंपा गया है। शीघ्र ही मामले का खुलासा कर लिया जाएगा। - रामचंद्र राजगुरु, पुलिस अधीक्षक, पिथौरागढ़।