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Pithoragarh News: बारिश में चिता को टिन से ढककर करना पड़ रहा शवदाह
Sun, 27 Sep 2026 11:01 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 27 Sep 2026 11:01 PM IST
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अस्कोट (पिथौरागढ़)। अस्कोट क्षेत्र का हंश्वेसर श्मशान घाट मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। क्षेत्र के लगभग 80 गांव अंतिम संस्कार के लिए इस श्मशान घाट पर निर्भर हैं। बरसात के दौरान लोगों को अंतिम संस्कार में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश में टिन से चिता को ढककर अपनों का अंतिम संस्कार करना लोगों की मजबूरी है।
शवदाह गृह और श्मशान घाट तक पहुंचने वाले रास्ते के निर्माण की मांग दशकों पुरानी है, जो आज तक पूरी नहीं हो पाई। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में उन्हें सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है। भारी बारिश के बीच शव की चिता को टिन से ढककर अंतिम क्रिया करनी पड़ रही है। न तो चिता के ऊपर कोई शेड है और न ही शवयात्रा में शामिल होने वाले लोगों के बैठने की कोई व्यवस्था।
ग्रामीणों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। जनप्रतिनिधि और शासन-प्रशासन के लोग गहरी नींद में सोए हुए हैं। ग्रामीण एकता मंच के तरुण पाल, प्रकाश पाल, दिनेश उपाध्याय, नारायण सिंह विष्ट, आनंद कुंवर, बहादुर सिंह, गोविंद, हरीश, ललित सहित क्षेत्र के अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र शवदाह गृह और रास्ते का निर्माण करवाने की मांग की है।
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शवदाह गृह और श्मशान घाट तक पहुंचने वाले रास्ते के निर्माण की मांग दशकों पुरानी है, जो आज तक पूरी नहीं हो पाई। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में उन्हें सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है। भारी बारिश के बीच शव की चिता को टिन से ढककर अंतिम क्रिया करनी पड़ रही है। न तो चिता के ऊपर कोई शेड है और न ही शवयात्रा में शामिल होने वाले लोगों के बैठने की कोई व्यवस्था।
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ग्रामीणों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। जनप्रतिनिधि और शासन-प्रशासन के लोग गहरी नींद में सोए हुए हैं। ग्रामीण एकता मंच के तरुण पाल, प्रकाश पाल, दिनेश उपाध्याय, नारायण सिंह विष्ट, आनंद कुंवर, बहादुर सिंह, गोविंद, हरीश, ललित सहित क्षेत्र के अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र शवदाह गृह और रास्ते का निर्माण करवाने की मांग की है।
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