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अंतरराष्ट्रीय झूलापुलों पर 123 लोगों की जांच
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झूलाघाट में नेपाल से आने वाले नागरिकों की जांच करते चिकित्सक। संवाद
- फोटो : PITHORAGARH
कोरोना वायरस को लेकर नेपाल से आने वाले लोगों की अंतरराष्ट्रीय झूला पुलों पर जांच जारी है। सीमा पर आवागमन करने वाले लोगों को वायरस से बचाव की जानकारी दी जा रही है।
झूलाघाट झूलापुल पर डॉ. कल्पित रौतेला, फार्मासिस्ट हरीश रावत, स्वास्थ्य कार्यकर्ता मंजू चंद, आशा चंद, रेखा भट्ट ने नेपाल से आने वाले 50 लोगों की जांच की। साथ ही उन्हें वायरस के लक्षणों की जानकारी देते हुए बचाव के उपाय बताए। उधर धारचूला में डॉ. विजय फिरमाल, डॉ. किशोर सिर्खाल, डॉ. अमीर आलम, फार्मासिस्ट देवेंद्र, गजेंद्र बोनाल की टीम ने 15 लोगों का परीक्षण कर 60 से अधिक लोगों को वायरस के बारे में जानकारी दी। बलुवाकोट झूला पुल में डॉ. रमेश खाती और फार्मासिस्ट भुवन चंद्र भट्ट की टीम ने 18 लोगों का परीक्षण कर 35 से अधिक लोगों को सचेत किया। जौलजीबी में फार्मासिस्ट दीपक भट्ट के नेतृत्व में 40 लोगों की जांच करते हुए वायरस के लक्षण और बचाव के बारे में बताया।
एसएसबी के मदन धामी, देवेंद्र नेगी ने स्वास्थ्य विभाग की टीम का सहयोग किया। व्यापार मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र थापा और छिपलाकेदार टैक्सी यूनियन अध्यक्ष केशर धामी ने कहा है कि नेपाल के अधिकतर लोग मलेशिया, चीन, सऊदी अरब आदि देशों को जाते रहते हैं। नेपाल वापस आने पर वह लोग दैनिक जीवन की सामग्री लेने झूला पुलों से भारत आते रहते हैं। उनका कहना है कि धारचूला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि झूला पुलों में एलोपैथिक और आयुर्वेदिक डॉक्टरों की जगह पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम को लगाया जाना चाहिए।
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झूलाघाट झूलापुल पर डॉ. कल्पित रौतेला, फार्मासिस्ट हरीश रावत, स्वास्थ्य कार्यकर्ता मंजू चंद, आशा चंद, रेखा भट्ट ने नेपाल से आने वाले 50 लोगों की जांच की। साथ ही उन्हें वायरस के लक्षणों की जानकारी देते हुए बचाव के उपाय बताए। उधर धारचूला में डॉ. विजय फिरमाल, डॉ. किशोर सिर्खाल, डॉ. अमीर आलम, फार्मासिस्ट देवेंद्र, गजेंद्र बोनाल की टीम ने 15 लोगों का परीक्षण कर 60 से अधिक लोगों को वायरस के बारे में जानकारी दी। बलुवाकोट झूला पुल में डॉ. रमेश खाती और फार्मासिस्ट भुवन चंद्र भट्ट की टीम ने 18 लोगों का परीक्षण कर 35 से अधिक लोगों को सचेत किया। जौलजीबी में फार्मासिस्ट दीपक भट्ट के नेतृत्व में 40 लोगों की जांच करते हुए वायरस के लक्षण और बचाव के बारे में बताया।
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एसएसबी के मदन धामी, देवेंद्र नेगी ने स्वास्थ्य विभाग की टीम का सहयोग किया। व्यापार मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र थापा और छिपलाकेदार टैक्सी यूनियन अध्यक्ष केशर धामी ने कहा है कि नेपाल के अधिकतर लोग मलेशिया, चीन, सऊदी अरब आदि देशों को जाते रहते हैं। नेपाल वापस आने पर वह लोग दैनिक जीवन की सामग्री लेने झूला पुलों से भारत आते रहते हैं। उनका कहना है कि धारचूला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि झूला पुलों में एलोपैथिक और आयुर्वेदिक डॉक्टरों की जगह पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम को लगाया जाना चाहिए।
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