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कोरोना का कहर : पारंपरिक भेटोला भी चढ़ा कोरोना की भेंट
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पिथौरागढ़। उत्तराखंड का प्रमुख पर्व भेटोला भी इस वर्ष कोरोना की भेंट चढ़ गया है। हर साल बहनें जहां भेटोले का इंतजार करती हैं, लेकिन कोरोना के कहर के बाद बहनें मायूस चल रही हैं। इमरजेंसी के बाद बहनें भी स्थिति सामान्य होने के बाद भेटोला देने को बोल रहे हैं।
चैत्र मास में उत्तराखंड में भेटोला पर्व मनाया जाता है। इस माह भाई और माता-पिता अपने घरों में पकवान बनाकर बेटी और बहनों को भेटोला देने जाते हैं। इस महीने महिलाएं माता-पिता या भाई के भेटोला लेकर आने का इंतजार रहता है, लेकिन कोरोना के प्रहार के बाद बहनें मायूस हैं। बहनें भी अपने भाई-माता पिता को हालात सामान्य होने तक भेटोला नहीं देने को कह रहे हैं।
कई धार्मिक आयोजन रद्द
पिथौरागढ़। कोरोना वायरस के प्रभाव को देखते हुए लोगों ने धार्मिक आयोजन भी रद्द कर दिए हैं। कई लोगों ने जनेऊ संस्कार, मंदिरों में पूजा का कार्यक्रम रद्द कर दिया है। नामकरण में भी लोग केवल एक पंडित को बुला रहे हैं।
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चैत्र नवरात्र आज से, मंदिरों में नहीं होगी चहल-पहल
पिथौरागढ़। नव संवत्सर और चैत्र नवरात्र बुधवार से शुरू हो रहे हैं। कोरोना के चलते हुए लॉकडाउन से इस बार नवरात्र पर मंदिरों में चहल-पहल नहीं रहेगी। मंदिरों में सुबह पुजारी ही पूजा-अर्चना करेंगे। इस बार का संवत्सर का नाम प्रमादी है। बुध राजा तो चंद्रदेव मंत्री हैं। चंद्रदेव के मंत्री होने से इस वर्ष बारिश की अधिकता बताई जा रही है। बुधवार सुबह मां के कलश की स्थापना के साथ ही भक्तों का उपवास शुरू हो जाएगा। नवरात्र पर जिला मुख्यालय के चंडिका, गुरना के पाषाण देवी, ध्वज जयंती देवी, गंगोलीहाट के मां कालिका, पांखू के कोटगाड़ी, अस्कोट के मल्लिकार्जुन समेत अधिकांश मंदिरों में काफी चहल-पहल रहती थी। इस बार कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन करने से मंदिरों में प्रवेश बंद किया गया है। अलबत्ता लोग मां से फेसबुक पर कोरोना से रक्षा की गुहार लगा रहे हैं। सोशल मीडिया के जरिये मां से जन कल्याण की प्रार्थना की जा रही है। कई लोग वाट्सअप ग्रुप पर महामृत्युंजय मंत्र के जाप के लिए चेन बना रहे हैं।
नवरात्र पर कामाख्या मंदिर के नहीं कर सकेंगे दर्शन
पिथौरागढ़। कोरोना के खतरे को देखते हुए सभी मंदिरों में मेले स्थगित कर दिए गए हैं। पिथौरागढ़ के कामाख्या मंदिर में नवरात्रों में श्रद्धालु पूजा-अर्चना नहीं कर सकेंगे। कामाख्या मंदिर समिति ने मंगलवार को ये निर्णय लिया। सामाजिक कार्यकर्ता संजय शर्मा ने बताया कि मंदिर समिति और गांव के लोगों ने आपसी परामर्श के बाद यह निर्णय लिया है।
आज से मंदिरों में भीड़भाड़ पर नजर रखेगा प्रशासन
पिथौरागढ़। नवरात्र पर्व पर मंदिरों में लोगों की भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए पुलिस मंदिरों पर नजर रखेगी। डीएम ने कहा कि मंदिरों के आसपास पुलिस कर्मी तैनात रहेंगे। उन्होंने लोगों से घरों में ही पूजा-अर्चना करने को कहा है। डीएम डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने कहा कि सभी धर्मों के धर्मगुरुओं से बातचीत हुई है। उन्होंने कहा कि मंदिरों के साथ ही मस्जिद या अन्य धार्मिक स्थलों में भी अधिक लोग एक साथ नहीं जुट सकेंगे। डीएम ने कहा कि शुक्रवार को मस्जिद के बजाय घरों में ही नमाज अदा करने को कहा गया है। लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
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चैत्र मास में उत्तराखंड में भेटोला पर्व मनाया जाता है। इस माह भाई और माता-पिता अपने घरों में पकवान बनाकर बेटी और बहनों को भेटोला देने जाते हैं। इस महीने महिलाएं माता-पिता या भाई के भेटोला लेकर आने का इंतजार रहता है, लेकिन कोरोना के प्रहार के बाद बहनें मायूस हैं। बहनें भी अपने भाई-माता पिता को हालात सामान्य होने तक भेटोला नहीं देने को कह रहे हैं।
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कई धार्मिक आयोजन रद्द
पिथौरागढ़। कोरोना वायरस के प्रभाव को देखते हुए लोगों ने धार्मिक आयोजन भी रद्द कर दिए हैं। कई लोगों ने जनेऊ संस्कार, मंदिरों में पूजा का कार्यक्रम रद्द कर दिया है। नामकरण में भी लोग केवल एक पंडित को बुला रहे हैं।
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चैत्र नवरात्र आज से, मंदिरों में नहीं होगी चहल-पहल
पिथौरागढ़। नव संवत्सर और चैत्र नवरात्र बुधवार से शुरू हो रहे हैं। कोरोना के चलते हुए लॉकडाउन से इस बार नवरात्र पर मंदिरों में चहल-पहल नहीं रहेगी। मंदिरों में सुबह पुजारी ही पूजा-अर्चना करेंगे। इस बार का संवत्सर का नाम प्रमादी है। बुध राजा तो चंद्रदेव मंत्री हैं। चंद्रदेव के मंत्री होने से इस वर्ष बारिश की अधिकता बताई जा रही है। बुधवार सुबह मां के कलश की स्थापना के साथ ही भक्तों का उपवास शुरू हो जाएगा। नवरात्र पर जिला मुख्यालय के चंडिका, गुरना के पाषाण देवी, ध्वज जयंती देवी, गंगोलीहाट के मां कालिका, पांखू के कोटगाड़ी, अस्कोट के मल्लिकार्जुन समेत अधिकांश मंदिरों में काफी चहल-पहल रहती थी। इस बार कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन करने से मंदिरों में प्रवेश बंद किया गया है। अलबत्ता लोग मां से फेसबुक पर कोरोना से रक्षा की गुहार लगा रहे हैं। सोशल मीडिया के जरिये मां से जन कल्याण की प्रार्थना की जा रही है। कई लोग वाट्सअप ग्रुप पर महामृत्युंजय मंत्र के जाप के लिए चेन बना रहे हैं।
नवरात्र पर कामाख्या मंदिर के नहीं कर सकेंगे दर्शन
पिथौरागढ़। कोरोना के खतरे को देखते हुए सभी मंदिरों में मेले स्थगित कर दिए गए हैं। पिथौरागढ़ के कामाख्या मंदिर में नवरात्रों में श्रद्धालु पूजा-अर्चना नहीं कर सकेंगे। कामाख्या मंदिर समिति ने मंगलवार को ये निर्णय लिया। सामाजिक कार्यकर्ता संजय शर्मा ने बताया कि मंदिर समिति और गांव के लोगों ने आपसी परामर्श के बाद यह निर्णय लिया है।
आज से मंदिरों में भीड़भाड़ पर नजर रखेगा प्रशासन
पिथौरागढ़। नवरात्र पर्व पर मंदिरों में लोगों की भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए पुलिस मंदिरों पर नजर रखेगी। डीएम ने कहा कि मंदिरों के आसपास पुलिस कर्मी तैनात रहेंगे। उन्होंने लोगों से घरों में ही पूजा-अर्चना करने को कहा है। डीएम डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने कहा कि सभी धर्मों के धर्मगुरुओं से बातचीत हुई है। उन्होंने कहा कि मंदिरों के साथ ही मस्जिद या अन्य धार्मिक स्थलों में भी अधिक लोग एक साथ नहीं जुट सकेंगे। डीएम ने कहा कि शुक्रवार को मस्जिद के बजाय घरों में ही नमाज अदा करने को कहा गया है। लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराया जाएगा।