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Pithoragarh News: बिना अनुमति डायनामाइट ब्लास्टिंग में ठेकेदार घायल
Tue, 15 Sep 2026 11:10 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Tue, 15 Sep 2026 11:10 PM IST
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पिथौरागढ़। सड़क खोलने के लिए नियम-कायदों को ताक पर रखकर की गई ब्लास्टिंग ने सोमवार को ठेकेदार की जान जोखिम में डाल दी। कंज्योति-नारायण आश्रम सड़क पर बिना विशेषज्ञ और ब्लॉस्टर की मौजूदगी में अनुमति लिए बगैर डायनामाइट से बोल्डर तोड़ने की कोशिश की गई। इस दौरान ठेकेदार गंभीर रूप से घायल हो गया। लोनिवि का कहना है कि नारायण आश्रम सड़क पर ब्लास्टिंग की अनुमति नहीं है।
भूस्खलन के कारण बंद कंज्योति-नारायण आश्रम सड़क को खोलने का काम चल रहा है। सोमवार शाम सड़क खोलने में लगे श्रमिकों ने बोल्डर तोड़ने के लिए डायनामाइट की बत्ती जलाई। कुछ देर तक विस्फोट नहीं हुआ तो मुख्य ठेकेदार की ओर से नियुक्त धारचूला निवासी दूसरे ठेकेदार संदीप खुद डायनामाइट देखने बोल्डर के पास पहुंच गया। इसी दौरान अचानक विस्फोट हो गया। जान बचाने के लिए संदीप ने दूसरी ओर छलांग लगाई, लेकिन वह बोल्डरों से टकरा गया और विस्फोट से उछले पत्थरों की चपेट में भी आ गया।
उसके सिर और चेहरे पर चोटें आई हैं। साथियों ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। ईएमओ डॉ. अब्दुल के अनुसार उसके सिर और चेहरे पर चोट आई है। चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार चल रहा है। हादसे में अन्य श्रमिक सुरक्षित बच गए।
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न अनुमति, न ब्लॉस्टर, फिर कहां से आई डायनामाइट
ब्लास्टिंग के लिए प्रशासनिक अनुमति के साथ सुरक्षा मानकों का पालन और प्रशिक्षित विशेषज्ञ की मौजूदगी जरूरी होती है। मौके पर न तो ब्लॉस्टर मौजूद था और न ही ब्लास्टिंग की अनुमति। ऐसे में सबसे गंभीर सवाल डायनामाइट की उपलब्धता को लेकर खड़ा हो गया है। बिना अनुमति विस्फोटक संबंधित लोगों तक कैसे पहुंचा और इसे किसने उपलब्ध कराया यह जांच का विषय है।
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भूकंप संवेदनशील जोन-5 में मनमानी पर सवाल
धारचूला समेत सीमांत पिथौरागढ़ जिला भूकंप और आपदा की दृष्टि से संवेदनशील जोन-5 में आता है। ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में सड़क निर्माण और चौड़ीकरण के दौरान पहले भी बेतरतीब ब्लास्टिंग के दुष्परिणाम सामने आ चुके हैं। चीन सीमा को जोड़ने वाली सड़कों पर पहाड़ों से गिरते बोल्डर कई बार खतरा बन चुके हैं। इसके बावजूद इसी क्षेत्र में बिना अनुमति ब्लास्टिंग किया जाना सड़क निर्माण में सुरक्षा मानकों और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
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विभाग ने माना- ब्लास्टिंग की अनुमति नहीं
लोनिवि अस्कोट के ईई राशिद खान ने भी माना कि नारायण आश्रम सड़क पर ब्लास्टिंग की अनुमति नहीं है। उन्होंने बताया कि अनुमति के लिए आवेदन किया गया है। उनका कहना है कि बिना अनुमति डायनामाइट कहां से और किसने उपलब्ध कराया, इसकी जांच की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि संभव है कि उनके अधीनस्थों ने डायनामाइट उपलब्ध कराई हो।
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नारायण आश्रम सड़क पर ब्लास्टिंग की अनुमति नहीं है। इसके लिए आवेदन किया गया है। बगैर अनुमति के डायनामाइट कहां से और किसने उपलब्ध कराया इसकी जांच की जाएगी। हो सकता है कि मेरे अधीनस्थों ने डायनामाइट उपलब्ध कराई हो। इसकी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। -राशिद खान, ईई, लोनिवि, अस्कोट
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भूस्खलन के कारण बंद कंज्योति-नारायण आश्रम सड़क को खोलने का काम चल रहा है। सोमवार शाम सड़क खोलने में लगे श्रमिकों ने बोल्डर तोड़ने के लिए डायनामाइट की बत्ती जलाई। कुछ देर तक विस्फोट नहीं हुआ तो मुख्य ठेकेदार की ओर से नियुक्त धारचूला निवासी दूसरे ठेकेदार संदीप खुद डायनामाइट देखने बोल्डर के पास पहुंच गया। इसी दौरान अचानक विस्फोट हो गया। जान बचाने के लिए संदीप ने दूसरी ओर छलांग लगाई, लेकिन वह बोल्डरों से टकरा गया और विस्फोट से उछले पत्थरों की चपेट में भी आ गया।
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उसके सिर और चेहरे पर चोटें आई हैं। साथियों ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। ईएमओ डॉ. अब्दुल के अनुसार उसके सिर और चेहरे पर चोट आई है। चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार चल रहा है। हादसे में अन्य श्रमिक सुरक्षित बच गए।
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न अनुमति, न ब्लॉस्टर, फिर कहां से आई डायनामाइट
ब्लास्टिंग के लिए प्रशासनिक अनुमति के साथ सुरक्षा मानकों का पालन और प्रशिक्षित विशेषज्ञ की मौजूदगी जरूरी होती है। मौके पर न तो ब्लॉस्टर मौजूद था और न ही ब्लास्टिंग की अनुमति। ऐसे में सबसे गंभीर सवाल डायनामाइट की उपलब्धता को लेकर खड़ा हो गया है। बिना अनुमति विस्फोटक संबंधित लोगों तक कैसे पहुंचा और इसे किसने उपलब्ध कराया यह जांच का विषय है।
भूकंप संवेदनशील जोन-5 में मनमानी पर सवाल
धारचूला समेत सीमांत पिथौरागढ़ जिला भूकंप और आपदा की दृष्टि से संवेदनशील जोन-5 में आता है। ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में सड़क निर्माण और चौड़ीकरण के दौरान पहले भी बेतरतीब ब्लास्टिंग के दुष्परिणाम सामने आ चुके हैं। चीन सीमा को जोड़ने वाली सड़कों पर पहाड़ों से गिरते बोल्डर कई बार खतरा बन चुके हैं। इसके बावजूद इसी क्षेत्र में बिना अनुमति ब्लास्टिंग किया जाना सड़क निर्माण में सुरक्षा मानकों और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
विभाग ने माना- ब्लास्टिंग की अनुमति नहीं
लोनिवि अस्कोट के ईई राशिद खान ने भी माना कि नारायण आश्रम सड़क पर ब्लास्टिंग की अनुमति नहीं है। उन्होंने बताया कि अनुमति के लिए आवेदन किया गया है। उनका कहना है कि बिना अनुमति डायनामाइट कहां से और किसने उपलब्ध कराया, इसकी जांच की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि संभव है कि उनके अधीनस्थों ने डायनामाइट उपलब्ध कराई हो।
नारायण आश्रम सड़क पर ब्लास्टिंग की अनुमति नहीं है। इसके लिए आवेदन किया गया है। बगैर अनुमति के डायनामाइट कहां से और किसने उपलब्ध कराया इसकी जांच की जाएगी। हो सकता है कि मेरे अधीनस्थों ने डायनामाइट उपलब्ध कराई हो। इसकी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। -राशिद खान, ईई, लोनिवि, अस्कोट