बिना पुलों के हो रहा सड़क का निर्माण
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दारमा घाटी में सोबला से तिदांग तक 2009 से केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) सड़क का निर्माण तो कर रही है, लेकिन 12 नालों में अब तक पुल बनाने की कोई कार्रवाई न होने से इस सड़क का लाभ क्षेत्र के लोगों को अभी मिलने वाला नहीं है। सीपीडब्ल्यूडी ने पिछले दिनों 12 मोटर पुलों के निर्माण के लिए टेंडर आमंत्रित करने की कार्रवाई की थी, लेकिन न तो टेंडर लगा और न पुलों का निर्माण ही शुरू हो पाया। दारमा सामाजिक सांस्कृतिक विकास समिति के पदाधिकारियों ने बुधवार को अपर जिलाधिकारी को सड़क निर्माण में आ रही बाधा की जानकारी दी। कहा कि यदि मोटर पुलों का निर्माण नहीं होता तो सड़क बनाने का कोई फायदा नहीं है।
समिति के सचिव मनोज नगन्याल ने बताया कि सोबला से तिदांग तक की इस सड़क पर सोबला, बौंगलिंग, उर्थिंग, नागलिंग, यूशूग, खेतीधार, गलछनी, बालिग, दुग्तू, दांतू, गो और तिदांग नालों में पुल बनाए जाने बेहद जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि सीपीडब्ल्यूडी जैसी प्रतिष्ठित निर्माण एजेंसी जिस गति से सड़क निर्माण का काम कर रही है, उसे देखकर तो यही लगता है कि अगले सात साल में सड़क का निर्माण पूरा नहीं हो पाएगा।
उन्होंने ज्ञापन में यह भी चेतावनी दी कि यदि मोटर पुलों के निर्माण का काम शुरू नहीं होता तो क्षेत्र के लोग उग्र आंदोलन करेंगे। एडीएम मोहम्मद नासिर ने कहा कि इस मामले में सीपीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से बात की जाएगी। सबसे पहले पुलों का निर्माण शुरू करने को कहा जाएगा।