इंजीनियरों ने सामूहिक अवकाश लेकर दिया धरना
18 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलित उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के सदस्यों ने शुक्रवार को आंदोलन के पहले चरण में एक दिन का सामूहिक अवकाश लेकर डीएम कार्यालय के सामने धरना दिया। महासंघ की मांग है कि अधीक्षण अभियंता का वेतनमान केंद्र सरकार की तरह किया जाए और अपर सहायक अभियंता के पद को नॉन फंक्सनल किया जाए। मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव ने दोनों प्रमुख मांगों को लेकर अधिकारियों को निर्देश भी जारी किए थे, लेकिन अधिकारियों ने अब तक इसका पालन नहीं किया है। आंदोलन के दूसरे चरण में 27 से 30 नवंबर तक कार्यस्थल का बहिष्कार किया जाएगा, जबकि 1 दिसंबर से बेमियादी हड़ताल शुरू कर दी जाएगी, यदि इंजीनियर हड़ताल में जाते हैं तो विकास कार्यों पर इसका असर पड़ेगा। धरना स्थल पर हुई सभा में अमरनाथ जुकरिया, दिनेश जोशी आदि ने विचार रखे। धरने पर महिपाल डोबाल, पवन टोलिया, केके जोशी, एल पी जोशी, संजय वर्मा, प्रदीप नेगी, गोविंद जनौली, लक्ष्मण राम, एसएन उपाध्याय, भैरवनाथ गोस्वामी, आरपी उपाध्याय, सीएम चनकन्याल, गुंजन, मंगला, रूचि गोस्वामी, वंदना रावत, तनुजा तिवारी, शालिनी गुप्ता, रुचि भट्ट आदि थे।
उधर, चंपावत में भी महासंघ ने शुक्रवार को सामूहिक अवकाश लिया। कामबंद कर इन इंजीनियरों ने कलक्ट्रेट में धरना दिया। बाद में संगठन के जिलाध्यक्ष मुकुल सती और बीसी जोशी के नेतृत्व में प्रभारी डीएम जेएस राठौर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया। धरने में इंजीनियर ललित गौड़, बीबी पांडेय, मनोज कुमार, राजेश जोशी, ज्योति रावत, अनिल कुमार, अनिल सिंह, दीप कांडपाल, मनोज ओली, सुरेंद्र थापा, पवन बिष्ट, अनिल महर, आरके यादव, देवेश कुमार, बिजेंद्र सुयाल, अजय कुमार, कमलेश पंत आदि मौजूद थे।