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छियालेख में ग्लेशियर टूटा, कुमाऊं स्काउट के दो सैनिक शहीद
ब्यूरो/अमर उजाला /पिथौरागढ़
Updated Tue, 03 Mar 2015 11:25 PM IST
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छियालेख में स्थित सेना की अग्रिम पोस्ट के पास सोमवार की रात ग्लेशियर टूटने के बाद हुए हिम स्खलन में दबकर कुमाऊं स्काउट के दो जवान शहीद हो गए। घटना में एक जवान लापता है। पांच जवानों के घायल होने की सूचना है। सेना के हेलीकाप्टरों ने रेस्क्यू आपरेशन चलाने के लिए मंगलवार को दो बार छियालेख के लिए उड़ान भरी लेकिन सफलता नहीं मिली। सेना के हेलीकाप्टर दोपहर बाद बरेली वापस लौट गए। बुधवार को फिर से रेस्क्यू आपरेशन चलेगा। अभी शहीदों के शव मौके पर पड़े हैं और घायल छियालेख में ही हैं। धारचूला से कुमाऊं स्कॉट के 22 जवानों की टीम और पास ही स्थित असम राइफल्स के जवानों की टीम मौके को रवाना हो गई है। छियालेख में इस समय पांच मीटर से ज्यादा बर्फ है।
सेना की ओर से स्थानीय प्रशासन को दी गई सूचना के अनुसार सोमवार की रात करीब 8.30 बजे छियालेख के पास स्थित चौंफू ग्लेशियर का खिसकना शुरू हो गया। उसके साथ आए बर्फीले तूफान से छियालेख में सेना का एक बैरक ध्वस्त हो गया। तूफान करीब एक घंटे तक चला। बैरक में रहने वाले कुछ जवानों ने तो किसी तरह जान बचा ली लेकिन पिथौरागढ़ तहसील अंतर्गत आठगांवशिलिंग के बुंगा गांव निवासी संतोष चंद और मुनस्यारी तहसील के डोलमा वल्थी निवासी प्रदीप सिंह उर्फ पुष्कर सिंह वर्ती की मौत हो गई। साहिब सिंह नाम के एक सैनिक घटना के बाद से लापता हैं। उनका पता सिगनल यूनिट कौसानी निवासी हरियाणा दिया गया है। घटना में जो सैनिक घायल हुए हैं उनमें हवलदार गोपाल सिंह निवासी अल्मोड़ा, सिपाही संजय सिंह निवासी अल्मोड़ा हाल ऊधमसिंहनगर, लांस नायक नरेंद्र सिंह ग्राम बस्ती पोस्ट सुंगर कपकोट (बागेश्वर) और नर्सिंग असिस्टेंट राम सिंह निवासी हास्पिटल रोड जोशीमठ (चमोली) दिया गया है तथा एक अन्य अज्ञात शामिल हैं। जिलाधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि हिमस्खलन की चपेट में आकर दो जवान शहीद हुए हैं और एक लापता है।
कुमाऊं स्काउट की धारचूला यूनिट के अधिकारियों ने स्थानीय प्रशासन को भी यही सूचना दी है। उपजिलाधिकारी एके पांडे ने बताया कि बर्फीले तूफान और ग्लेशियर खिसकने की सूचना के बाद राजस्व विभाग की टीम को मौके पर भेज दिया गया है। धारचूला के थाना प्रभारी रोहताश सागर ने बताया कि अभी तक मौके से शहीदों के पार्थिव नहीं उठा सके हैं। सेना के हेलीकाप्टरों को कामयाबी नहीं मिल रही है। अलबत्ता कुमाऊं स्काउट की धारचूला यूनिट ने शहीद सैनिकों के बारे में सूचना उनके परिजनों को दे दी है। सेेना केे हेलीकाप्टर बुधवार को भी उड़ान भरेंगे। यदि मौसम ठीक रहा तो बुधवार को बर्फ में दबकर शहीदों के पार्थिव निकालने का प्रयास किया जाएगा।
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सेना की ओर से स्थानीय प्रशासन को दी गई सूचना के अनुसार सोमवार की रात करीब 8.30 बजे छियालेख के पास स्थित चौंफू ग्लेशियर का खिसकना शुरू हो गया। उसके साथ आए बर्फीले तूफान से छियालेख में सेना का एक बैरक ध्वस्त हो गया। तूफान करीब एक घंटे तक चला। बैरक में रहने वाले कुछ जवानों ने तो किसी तरह जान बचा ली लेकिन पिथौरागढ़ तहसील अंतर्गत आठगांवशिलिंग के बुंगा गांव निवासी संतोष चंद और मुनस्यारी तहसील के डोलमा वल्थी निवासी प्रदीप सिंह उर्फ पुष्कर सिंह वर्ती की मौत हो गई। साहिब सिंह नाम के एक सैनिक घटना के बाद से लापता हैं। उनका पता सिगनल यूनिट कौसानी निवासी हरियाणा दिया गया है। घटना में जो सैनिक घायल हुए हैं उनमें हवलदार गोपाल सिंह निवासी अल्मोड़ा, सिपाही संजय सिंह निवासी अल्मोड़ा हाल ऊधमसिंहनगर, लांस नायक नरेंद्र सिंह ग्राम बस्ती पोस्ट सुंगर कपकोट (बागेश्वर) और नर्सिंग असिस्टेंट राम सिंह निवासी हास्पिटल रोड जोशीमठ (चमोली) दिया गया है तथा एक अन्य अज्ञात शामिल हैं। जिलाधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि हिमस्खलन की चपेट में आकर दो जवान शहीद हुए हैं और एक लापता है।
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कुमाऊं स्काउट की धारचूला यूनिट के अधिकारियों ने स्थानीय प्रशासन को भी यही सूचना दी है। उपजिलाधिकारी एके पांडे ने बताया कि बर्फीले तूफान और ग्लेशियर खिसकने की सूचना के बाद राजस्व विभाग की टीम को मौके पर भेज दिया गया है। धारचूला के थाना प्रभारी रोहताश सागर ने बताया कि अभी तक मौके से शहीदों के पार्थिव नहीं उठा सके हैं। सेना के हेलीकाप्टरों को कामयाबी नहीं मिल रही है। अलबत्ता कुमाऊं स्काउट की धारचूला यूनिट ने शहीद सैनिकों के बारे में सूचना उनके परिजनों को दे दी है। सेेना केे हेलीकाप्टर बुधवार को भी उड़ान भरेंगे। यदि मौसम ठीक रहा तो बुधवार को बर्फ में दबकर शहीदों के पार्थिव निकालने का प्रयास किया जाएगा।
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