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Pithoragarh News: कोट्यूड़ा स्कूल की जर्जर इमारत देख सहम रहे बच्चे, घटने लगी छात्रसंख्या

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 29 Jun 2026 09:20 PM IST
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Children endure conditions in the dilapidated Kotyuda school building; student enrollment begins to decline
नाचनी(पिथौरागढ़)। सीमांत जिले के कोट्यूड़ा प्राथमिक स्कूल में बच्चे जान जोखिम में डालकर अपना भविष्य बुनने को मजबूर हैं। जर्जर हो चुकी विद्यालय की इमारत के कारण अभिभावक बच्चों की सुरक्षा को लेकर सहमे हुए हैं जिसके चलते वे अपने नौनिहालों का दाखिला दूसरे स्कूलों में करा रहे हैं। प्रशासन की इस अनदेखी से स्कूल में छात्रसंख्या तेजी से घट रही है जो शिक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करती है।
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ग्रामीणों ने वर्ष 1983 में श्रमदान से कोट्यूड़ा गांव में स्कूल बनाया। पहले तो स्कूल में कोटयूड़ा के साथ ही आसपास के कई गांवों के बच्चे पढ़ने आते थे। पिछले काफी समय से स्कूल जर्जर होने से अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें अन्य स्कूलों में पढ़ने भेज रहे हैं।
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ग्राम प्रधान कोट्यूड़ा तुलसी बथ्याल ने कहा कि बल्लियां और टिन सड़ने से छत गिरने के कगार पर है। कई बार शिक्षा विभाग समेत प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष विद्यालय की दशा सुधारने की गुहार लगाई लेकिन कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए। अब प्रधान ने सीएम से विधानसभा चुनाव से पूर्व विद्यालय का पुनर्निर्माण किए जाने की गुहार लगाई है।
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उन्होंने कहा कि जल्द विद्यालय भवन का सुधारीकरण नहीं हुआ तो इससे बड़ी घटना हो सकती है। उन्होंने कहा है कि प्राथमिक विद्यालय में दो ग्राम सभाओं का पोलिंग बूथ भी है। मतदान के समय कई अधिकारी यहां पहुंचते हैं लेकिन किसी की नजर जर्जर भवन पर नहीं पड़ी है।
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बोले अभिभावक
वर्ष 1983 में जब मुनस्यारी तहसील के कोट्यूड़ा गांव में नए स्कूल की मंजूरी मिली तो इसके निर्माण के लिए श्रमदान किया गया। पहले छात्र संख्या 35 से अधिक होती थी लेकिन आज सिर्फ 10 रह गई है।
-शेर सिंह बथ्याल, कोट्यूड़ा

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कोट्यूड़ा प्राइमरी स्कूल में छात्रों संख्या घटने का कारण जर्जर भवन है। नौनिहालों को पढ़ाई का बेहतर माहौल दिलाने के लिए लोगों ने पलायन कर लिया है।
-गोविंद सिंह बथ्याल, पूर्व प्रधान, कोट्यूड़ा
गोविंद सिंह बथ्याल
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स्कूल भवन की हालत बहुत खराब है। इसके चलते मैंने अपने दोनों बच्चों को गांव से सात किलोमीटर दूर कमरा किराए पर लेकर शिक्षा दिलाई। अन्य अभिभावक भी ऐसा करने के लिए मजबूर हैं। -पूजा बथ्याल, कोट्यूड़ा


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प्राथमिक विद्यालय कोट्यूड़ा के पुनर्निर्माण के लिए विगत वर्ष ही फाइल उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। धनराशि मिलने पर पुनर्निर्माण का कार्य कराया जाएगा। -दिगंबर प्रसाद आर्य, खंड शिक्षाधिकारी, मुनस्यारी
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