Uttarakhand: पाले में फिसलकर दुर्घटनाग्रस्त हुई कार, कार सवार को आईं मामूली चोटें, अब खतरा बनने लगा है पाला
डीडीहाट से पिथौरागढ़ की ओर आ रही एक कार पलेटा के पास पाले में फिसलकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में कार सवार एक व्यक्ति मामूली रूप से घायल हो गया जबकि चालक को चोट नहीं आई। कार के पहाड़ी की ओर टकराने से बड़ा हादसा होने से बच गया।
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नेशनल हाईवे पर पाला दुर्घटनाओं का कारण बनने लगा है। डीडीहाट से पिथौरागढ़ की ओर आ रही एक कार पलेटा के पास पाले में फिसलकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में कार सवार एक व्यक्ति मामूली रूप से घायल हो गया जबकि चालक को चोट नहीं आई। कार के पहाड़ी की ओर टकराने से बड़ा हादसा होने से बच गया। मौके से गुजर रहे एसएसबी के जवानों ने घायल का निजी क्लीनिक में प्राथमिक इलाज कराया।
मंगलवार की सुबह करीब 11:30 बजे डीडीहाट से पिथौरागढ़ की ओर आ रही कार पलेटा के पास पाले में फिसलकर पहाड़ी से टकराकर रुक गई। हादसे में कार सवार हीरा सिंह के सिर और नाक पर हल्की चोटें आई जबकि कार चालक बाल-बाल बच गया। उसी समय जौलजीबी से वाहिनी मुख्यालय के लिए आ रही एसएसबी-ए समवाय के जवानों ने घायल का निजी क्लीनिक में इलाज कराया। इसके बाद उन्हें जिला अस्पताल भेजा गया।
पिथौरागढ़ जिले के इन रूट पर रहता है पाले में फिसलने का खतरा
- घाट-पिथौरागढ़ इग्यारदेवी से ऐंचोली के बीच में जामिरखेत के पास।
- पिथौरागढ़-धारचूला नैनीपातल, पलेटा, सतगढ़ और गुड़ौली।
- नैनीपातल-मड़मानले नैनीपातल, सीरड़, लछैर और मड़मानले।
- पिथौरागढ़-बड़ाबे आठगांव शीलिंग और बड़ाबे के बीच में।
- पिथौरागढ़-बांस सड़क चंडाक से नाकोट तक।
- गंगोलीहाट-बेड़ीनाग जाड़ापानी।
अभी तक नहीं किए गए सुरक्षा के इंतजाम
पिथौरागढ़ में पाले में वाहन फिसलने लगे हैं इसके बावजूद निर्माणदायी एजेंसी की ओर से चूना डालने या अन्य सुरक्षा के कोई प्रबंध नहीं किए गए हैं। इससे खतरा बढ़ता जा रहा है। सबसे अधिक खतरा सुबह और शाम के समय रहता है। एनएच पर दिन भर में हजारों की संख्या में वाहन चलते हैं। तीव्र मोड़ों पर दोपहिया वाहनों के रपटने का सबसे अधिक खतरा रहता है। डीएम रीना जोशी ने बताया कि जिले की जिन सड़कों पर पालाग्रस्त स्थान हैं वहां चूना डालने के लिए निर्माणदायी संस्थाओं को निर्देशित किया गया है।