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Pithoragarh News: वर्ष 2025 तक आसान होगी चीन सीमा तक पहुंचने की राह
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मुनस्यारी से चीन सीमा मिलम के लिए बन रही सड़क। संवाद
- फोटो : PITHORAGARH
पिथौरागढ़/मुनस्यारी। चीन सीमा तक पहुंचने की राह 2025 तक आसान होने की उम्मीद है। सामरिक और पर्यटन की दृष्टि की महत्वपूर्ण मुनस्यारी-मिलम सड़क का निर्माण कार्य बीआरओ कर रहा है। वर्ष 2025 तक इस सड़क का निर्माण कार्य पूरा होने की उम्मीद है।
वहीं सड़क बनने से चीन सीमा तक पहुंच आसान होगी। साथ ही जवानों को चीन सीमा तक जाने के लिए पैदल नहीं चलना पड़ेगा। हालांकि बीआरओ के सामने शून्य डिग्री तापमान सहित कठोर चट्टानें काटने की चुनौती है बावजूद इसके बीआरओ सड़क निर्माण में जुटा है। भविष्य में इस सड़क को गढ़वाल से जोड़ने की योजना पर भी विचार चल रहा है। इसमें टनल और सड़क प्रस्तावित है।
वर्ष 2008 में मुनस्यारी के धापा बैंड से चीन सीमा से लगे मिलम के लिए 65 किमी सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ। सड़क कटिंग का कार्य मुनस्यारी के धापा से बुगडियार तक 24 किमी सड़क का निर्माण कार्य एबीसीआई कंपनी को दिया गया है। इसमें 21.5 किमी लंबी सड़क कट चुकी है और 19 किमी तक डामरीकरण का कार्य पूरा हो चुका है। अब कंपनी को 2.5 किमी सड़क की कटिंग और पांच किमी सड़क पर डामरीकरण का कार्य करना है जो तेज गति से किया जा रहा है।
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चीन सीमा से लगे मिलम से नहर देवी तक 41 किमी सड़क का निर्माण कार्य बीआरओ खुद कर रहा है। इस स्थान पर कम तापमान और कठोर चट्टानें काटने की चुनौती है। हालांकि बीआरओ 26 किमी सड़क काट चुका है। बचे 15 किमी सड़क का निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है। इस सड़क का निर्माण कार्य बीआरओ को वर्ष 2012 में पूरा करना था लेकिन किन्हीं कारणों से कार्य पूरा नहीं हो पाया। इसके बाद 2018 और 2022 तक समय बीआरओ को दिया गया लेकिन अब तक सड़क पूरी नहीं बन सकी। अब वर्ष 2025 तक सड़क पूरी बनने की उम्मीद है।
मल्ला जोहार के 13 गांवों को होगा फायदा
पिथौरागढ़। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण धापा-मिलम सड़क बनने से मल्ला जोहार के 13 गांवों मिलम, बिल्जू, मर्तोली, बुुर्फू, ल्वां, मापा, घनघर, खिलांच, टोला, रिलकोट, बुगडियार, नाहरदेवी, मापांग के ग्रामीणों को फायदा मिलेगा। संवाद
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वहीं सड़क बनने से चीन सीमा तक पहुंच आसान होगी। साथ ही जवानों को चीन सीमा तक जाने के लिए पैदल नहीं चलना पड़ेगा। हालांकि बीआरओ के सामने शून्य डिग्री तापमान सहित कठोर चट्टानें काटने की चुनौती है बावजूद इसके बीआरओ सड़क निर्माण में जुटा है। भविष्य में इस सड़क को गढ़वाल से जोड़ने की योजना पर भी विचार चल रहा है। इसमें टनल और सड़क प्रस्तावित है।
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वर्ष 2008 में मुनस्यारी के धापा बैंड से चीन सीमा से लगे मिलम के लिए 65 किमी सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ। सड़क कटिंग का कार्य मुनस्यारी के धापा से बुगडियार तक 24 किमी सड़क का निर्माण कार्य एबीसीआई कंपनी को दिया गया है। इसमें 21.5 किमी लंबी सड़क कट चुकी है और 19 किमी तक डामरीकरण का कार्य पूरा हो चुका है। अब कंपनी को 2.5 किमी सड़क की कटिंग और पांच किमी सड़क पर डामरीकरण का कार्य करना है जो तेज गति से किया जा रहा है।
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चीन सीमा से लगे मिलम से नहर देवी तक 41 किमी सड़क का निर्माण कार्य बीआरओ खुद कर रहा है। इस स्थान पर कम तापमान और कठोर चट्टानें काटने की चुनौती है। हालांकि बीआरओ 26 किमी सड़क काट चुका है। बचे 15 किमी सड़क का निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है। इस सड़क का निर्माण कार्य बीआरओ को वर्ष 2012 में पूरा करना था लेकिन किन्हीं कारणों से कार्य पूरा नहीं हो पाया। इसके बाद 2018 और 2022 तक समय बीआरओ को दिया गया लेकिन अब तक सड़क पूरी नहीं बन सकी। अब वर्ष 2025 तक सड़क पूरी बनने की उम्मीद है।
मल्ला जोहार के 13 गांवों को होगा फायदा
पिथौरागढ़। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण धापा-मिलम सड़क बनने से मल्ला जोहार के 13 गांवों मिलम, बिल्जू, मर्तोली, बुुर्फू, ल्वां, मापा, घनघर, खिलांच, टोला, रिलकोट, बुगडियार, नाहरदेवी, मापांग के ग्रामीणों को फायदा मिलेगा। संवाद