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व्यापारियों और कस्टम कर्मियों में नोकझोंक
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो,धारचूला (पिथौरागढ़)।
Updated Mon, 03 Jul 2017 11:10 PM IST
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जीएसटी से व्यापारी, नेपाली लोग परेशान
- फोटो : अमर उजाला
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धारचूला (पिथौरागढ़)। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जीएसटी योजना लागू होने के तीन दिन बाद ही व्यावहारिक दिक्कतें आने लगी हैं। इसी को लेकर सोमवार को व्यापार संघ और कस्टम विभाग के कर्मचारियों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। भारत एवं नेपाल के बीच होने वाले दैनिक व्यापार के लिए जीएसटी में स्पष्ट निर्देश न होने के कारण अब आम लोगों को परेशानी होने लगी है। व्यापारियों ने कस्टम विभाग के कर्मचारियों पर आरोप लगाया कि वह बिना कारण अपने तुगलकी फरमान लगा रहा है।
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नेपाल से आए सोमवार को कई लोग अपनी रोजमर्रा की वस्तुओं को लेकर जैसे ही अंतरराष्ट्रीय झूलापुल को पार करने लगे तो कस्टम अधिकारी बीके शुक्ला ने उनको रोक दिया और जीएसटी के फार्मेट में बिल दिखाने को कहा। जब स्थानीय नागरिकों ने अभी जीएसटी का स्पष्ट निर्देश उपलब्ध न होने का हवाला दिया तो कस्टम अधिकारी बिफर पड़े और दिन में ही झूलापुल का गेट बंद करने की बात कहने लगे। यह मामला नेपाल के नागरिकों ने धारचूला व्यापार संघ तक पहुंचाया।
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व्यापार संघ अध्यक्ष भूपेंद्र थापा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल कस्टम अधिकारी से मिलने पहुंचा और समझाया कि जब तक जीएसटी के पूरे निर्देश नहीं आ जाते तब तक नेपाल से आने वाले नागरिकों, ग्राहकों की सुविधा के लिए व्यवस्था को पूर्ववत बनाए रखा जाए। व्यापारी नेताओं ने कहा कि दोनों देशों के बीच मधुर संबंध हैं। नेपाल के लोग तेल, नमक, चावल, आटा, सब्जियां जैसे सामान को भारतीय बाजार से खरीदकर ले जाते हैं। कस्टम अधिकारी पर इस गुजारिश का कोई असर नहीं पड़ा और उन्होंने किसी भी हालत में दोनों ओर सामान नहीं ले जाने दिया जाएगा।
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व्यापारियों और कस्टम अधिकारी के बीच नोकझोंक के सूचना पर एसडीएम राजकुमार पांडे ने बैठक बुलाकर दोनों पक्षों से व्यावहारिक कदम उठाने को कहा और लोगों की सुविधा के अनुसार ही काम करने को कहा। व्यापारियों ने कहा कि जीएसटी का फार्मेट आने तक व्यापार पूर्ववत जारी रखने की अनुमति दी जाए। यदि अनावश्यक उत्पीड़न किया गया तो व्यापार संघ चक्काजाम, बाजार बंद करेगा। इस दौरान व्यापार संघ उपाध्यक्ष प्रकाश गुंज्याल, जगदेव डोगरा, भीम सिंह रावत, नेत्र सिंह कुटियाल, मनीष सूद, अब्दुल कलाम आदि थे।