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वीरान पड़े बस्तड़ी में बनाए गए टेंट
ब्यूरो/अमर उजाला, डीडीहाट
Updated Sun, 11 Sep 2016 10:49 PM IST
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बस्तड़ी में वीरान पड़े आपदा पीड़ितों के टेंट
- फोटो : अमर उजाला
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जिला प्रशासन ने 19 अगस्त को बस्तड़ी में आपदा प्रभावितों के लिए जिन टेंटों का निर्माण किया था, उनमें अब तक रहने के लिए कोई भी आपदा प्रभावित नहीं गया है। आपदा प्रभावितों का कहना है कि वह टेंटों में किसी भी दशा में नहीं रहेंगे। उनके लिए पक्के मकानों का निर्माण होना चाहिए। जिलाधिकारी एचसी सेमवाल ने आईटीबीपी की मदद से नए बस्तड़ी के ठुलखाली में आठ टेंट लगाए थे, लेकिन इनमें किसी प्रकार की सुविधा न होने के कारण लोग इनमें रहने को नहीं जा रहे हैं।
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बस्तड़ी निवासी शंकर भट्ट और गोविंद भट्ट ने कहा कि बस्तड़ी में आपदा प्रभावितों के लिए पक्के मकान बनाए जाएं। टेंट किसी भी दशा में रहने लायक नहीं हैं, यदि सरकार ने घोषणा के मुताबिक पक्के मकानों का निर्माण नहीं किया तो यह आपदा प्रभावितों के साथ अन्याय होगा। उन्होंने कहा कि लोगों का धैर्य अब टूटने लगा है। धीरे-धीरे ठंड का असर बढ़ने लगा है। ऐसे में लोगों को पक्के मकानों की सख्त जरूरत है।
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इसके अलावा लोग इस समय राहत कैंपों और अपने रिश्तेदारों के यहां रह रहे हैं। लंबे समय तक इस व्यवस्था में रहना संभव नहीं होगा। फिलहाल प्रशासन ने ठुलखाली में लोगों को स्थायी रूप से बसाने की तैयारी तो कर दी है, लेकिन जब तक शासन से पक्के मकान बनाने के लिए धनराशि नहीं मिलती, लोगों की समस्या का समाधान नहीं हो पाएगा।
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