{"_id":"5ecbff468ebc3e90af11cb62","slug":"bsf-jawan-posted-in-kolkata-dies-pithoragarh-news-hld3841094133","type":"story","status":"publish","title_hn":"बंगाल में तैनात बीएसएफ के जवान की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बंगाल में तैनात बीएसएफ के जवान की मौत
विज्ञापन
महेंद्र सिंह
- फोटो : PITHORAGARH
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झूलाघाट (पिथौरागढ़)। बीएसएफ में तैनात एक जवान की कोलकाता में मौत हो गई है। जवान का अंतिम संस्कार रामेश्वर घाट पर सैनिक सम्मान के साथ किया गया। अंतिम संस्कार में बीएसएफ 25 बटालियन के जवान और अधिकारी शामिल हुए।
मूनाकोट के क्वारबन गांव का महेंद्र सिंह (40) पुत्र कल्याण सिंह बीएसएफ की 179 बटालियन पश्चिमी बंगाल में तैनात था। 23 मई को तबीयत खराब होने पर उसे कोलकाता के सेना अस्पताल में भर्ती किया गया। हालत ज्यादा खराब होने पर उसी दिन जवान की मौत हो गई। मृतक का पार्थिव शरीर तीन दिन बाद सोमवार देर शाम रामेश्वर घाट पहुंचा। मृतक का गांव सड़क से बहुत दूर होने के कारण कुछ परिजनों की उपस्थिति में रामेश्वर घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।
चिता को मुखाग्नि मृतक के भाई पवन ने दी। कुछ माह पहले ही देहरादून से महेंद्र सिंह की पोस्टिंग पश्चिमी बंगाल हुई थी। मृतक की पत्नी, दो बेटिया ओर एक बेटा देहरादून में ही रहते है। अचानक हुई मौत का समाचार सुनते ही परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। एक दिन पहले ही देहरादून से पहुंची पत्नी को भी गांव के स्कूल में क्वारंटीन किया गया है।
विज्ञापन
क्वारंटीन होने की डर से कोई भी वाहन चालक परिजनों को रामेश्वर घाट नहीं ले गया। घटना की सूचना मिलते ही मृतक पिता अवकाश प्राप्त बीएसएफ अधिकारी कल्याण, मृतक के भाई त्रिलोक सिंह, मदन सिंह पूना से पवन सिंह गांव से जमाई अनिल चौहान रामेश्वर घाट पहुंच गए। इस मौके पर दिल्ली से आए बीएसएफ के सूबेदार जय दयाल सिंह भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
मूनाकोट के क्वारबन गांव का महेंद्र सिंह (40) पुत्र कल्याण सिंह बीएसएफ की 179 बटालियन पश्चिमी बंगाल में तैनात था। 23 मई को तबीयत खराब होने पर उसे कोलकाता के सेना अस्पताल में भर्ती किया गया। हालत ज्यादा खराब होने पर उसी दिन जवान की मौत हो गई। मृतक का पार्थिव शरीर तीन दिन बाद सोमवार देर शाम रामेश्वर घाट पहुंचा। मृतक का गांव सड़क से बहुत दूर होने के कारण कुछ परिजनों की उपस्थिति में रामेश्वर घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।
विज्ञापन
चिता को मुखाग्नि मृतक के भाई पवन ने दी। कुछ माह पहले ही देहरादून से महेंद्र सिंह की पोस्टिंग पश्चिमी बंगाल हुई थी। मृतक की पत्नी, दो बेटिया ओर एक बेटा देहरादून में ही रहते है। अचानक हुई मौत का समाचार सुनते ही परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। एक दिन पहले ही देहरादून से पहुंची पत्नी को भी गांव के स्कूल में क्वारंटीन किया गया है।
विज्ञापन
क्वारंटीन होने की डर से कोई भी वाहन चालक परिजनों को रामेश्वर घाट नहीं ले गया। घटना की सूचना मिलते ही मृतक पिता अवकाश प्राप्त बीएसएफ अधिकारी कल्याण, मृतक के भाई त्रिलोक सिंह, मदन सिंह पूना से पवन सिंह गांव से जमाई अनिल चौहान रामेश्वर घाट पहुंच गए। इस मौके पर दिल्ली से आए बीएसएफ के सूबेदार जय दयाल सिंह भी मौजूद रहे।