पिथौरागढ़: बीआरओ ने किया कमाल, चार दिन में बना दिया 130 फीट लंबा बेली ब्रीज; आदि कैलाश मार्ग पर यातायात बहाल
छह दिन से बंद आदि कैलाश यात्रा मार्ग पर शुक्रवार को कुलागाड़ में नया बेली ब्रिज तैयार होने के बाद वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई। इससे सीमांत के 40 गांवों के ग्रामीणों और आदि कैलाश जाने वाले यात्रियों को राहत मिली।
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आदि कैलाश यात्रा मार्ग के कुलागाड़ में शुक्रवार देर रात तेज बारिश के कारण बोल्डर और मलबे की चपेट में आने से बीआरओ का 170 फीट लंबा बेली ब्रिज ध्वस्त हो गया था। करीब दो करोड़ रुपये की लागत से बने इस पुल के टूटने से सीमांत के करीब 40 गांवों का संपर्क टूट गया था। छह दिन बाद शुक्रवार को नए बेली ब्रिज से वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई।
ब्रिज टूटने के दूसरे दिन शनिवार से बीआरओ हीरक परियोजना के कमांडर कर्नल प्रशांत सिंह और 67 आरसीसी ग्रेफ के ओसी चंद्र गुप्त के दिशा-निर्देशन में निर्माण कार्य शुरू किया गया। ओआईसी एई जाहिद अली, जेई अतनु बोस, राम किशोर मीना और जयेश राठौर के नेतृत्व में दो जेसीबी मशीनों और 35 श्रमिकों ने दिन-रात काम किया। रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण कई बार निर्माण कार्य रोकना पड़ा। इसके बावजूद गुरुवार देर रात तक 1.50 करोड़ रुपये की लागत से 130 फीट लंबे बेली ब्रिज का निर्माण पूरा कर लिया गया।
पूजा-अर्चना के बाद शुरू हुई आवाजाही
शुक्रवार को कुलडया बूबू मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद बीआरओ की जयकारे के बीच दोपहर 1:20 बजे पुल से वाहनों की आवाजाही शुरू कराई गई। सबसे पहले तवाघाट की ओर पिछले छह दिनों से फंसे 50 से अधिक वाहनों को धारचूला आने दिया गया। इसके बाद पंचाचूली और आदि कैलाश की ओर जाने वाले 150 से अधिक वाहनों को रवाना किया गया।
यातायात शुरू होने के एक घंटे के दौरान करीब 25 बाइक, 30 से अधिक भारी वाहन और 100 से अधिक निजी व टैक्सी वाहनों समेत करीब 150 से 200 वाहनों की आवाजाही हुई। इसके अलावा शुक्रवार को करीब 300 से 400 ग्रामीणों ने भी पुल से आवाजाही की।
आदि कैलाश जाने वाले यात्रियों को मिली राहत
देहरादून से आए बाइक सवार अभिनाश और सागर ने बताया कि पुल टूटने के कारण वे तीन दिन से फंसे हुए थे। शुक्रवार को पुल तैयार होने के बाद वे पंचाचूली और आदि कैलाश जा सके। उन्होंने बीआरओ और प्रशासन का आभार जताया।
दारमा घाटी के नागलिंग निवासी सचिन नगन्याल ने बताया कि छह दिन बाद यातायात सुचारु होने से सीमांत के 40 गांवों के ग्रामीणों और सुरक्षा कर्मियों को बड़ी राहत मिली है। उन्होंने बीआरओ का आभार जताया।
शुक्रवार को कुलागाड़ में यातायात शुरू होने के बाद 50 से अधिक ऑफलाइन इनर लाइन परमिट के आधार पर बाहरी प्रदेशों से आए बाइक सवार और यात्री आदि कैलाश के लिए रवाना हुए। यातायात सुचारु होने से प्रशासन और बीआरओ ने भी राहत की सांस ली।
बीआरओ के उच्च अधिकारियो की मौजूदी मे शुक्रवार दोपहर मे यातायात सुचारु करा दी. वाहनो की आवाजाही शुरू होने पर सीमांत के ग्रामीणों को राहत मिल रही है. मौसम ठीक रहने पर 20 सितंबर से इनर लाइन परमिट जारी किया जाएगा।-आशीष जोशी एसडीएम धारचूला