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सीमा पुल बंद, नेपाल जाने वाली बरात फंसी
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झूलाघाट में सीमा पुल बंद होने के कारण फंसी बरात। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : PITHORAGARH
झूलाघाट (पिथौरागढ़)। चुनाव के मद्देनजर झूलाघाट स्थित सीमा पुल के बंद होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पुल बंद होने के कारण नेपाल जाने वाली बरात के अलावा कई बीमार, बुजुर्ग और कई लोग वहां फंसे रहे। मामला जिला प्रशासन के संज्ञान में आने के बाद कुछ समय के लिए पुल खोला गया। करीब पांच घंटे पुल पर फंसे रहने के बाद बरात सहित अन्य लोग नेपाल गए।
प्रशासन ने चुनाव के चलते सीमा पुल को 11 फरवरी से बंद करने के निर्देश जारी किए थे। पिछले चुनावों में भी सीमा पुल तीन दिन पहले शाम को ही बंद होते आया है परंतु सीमा पुल पर तैनात एसएसबी के अधिकारियों को बृहस्पतिवार रात मिले 11 फरवरी की सुबह से ही सीमा सील करने के निर्देश मिले। लोगों को इसकी सूचना न मिलने के कारण शुक्रवार सुबह खरक्यूड़ा निवासी जगदीश सिंह की बैतड़ी के बसाली जा रही बरात सीमा पर फंस गई। इसी तरह बागेश्वर से बझांग जाने वाला एक मरीज और दो बुजुर्गों सहित दर्जनों लोग भी वहां फंसे रहे।
इसकी जानकारी मिलने पर संवाद न्यूज एजेंसी ने लोगों को हो रही परेशानी के बारे में डीएम डॉ. आशीष चौहान को अवगत कराया। डीएम के निर्देश पर दोपहर साढ़े 12 बजे पुल कुछ समय के लिए खोला गया। इस दौरान पुल पर फंसी बरात समेत अन्य लोग नेपाल गए। उधर से भी कुछ लोग भारत की तरफ आए। रात 7:56 बजे दुल्हन निशा कार्की को लेकर बरात लौटी। इसमें जाते समय 10 और आते समय 14 लोग शामिल थे।
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अंतरराष्ट्रीय सीमा को मतदान शुरू होने से 72 घंटे पहले बंद करने के आदेश दिए गए थे। सीमा पुल 11 फरवरी को सुबह आठ बजे से बंद होना था। लोगों को इसकी जानकारी समय पर नहीं मिल पाई। इस कारण बरात और कुछ लोग सीमा पर फंस गए। कुछ देर के लिए सीमा पुल खोलकर फंसे लोगों को नेपाल भेज दिया गया है। - डॉ. आशीष चौहान, जिला निर्वाचन अधिकारी, पिथौरागढ़।
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प्रशासन ने चुनाव के चलते सीमा पुल को 11 फरवरी से बंद करने के निर्देश जारी किए थे। पिछले चुनावों में भी सीमा पुल तीन दिन पहले शाम को ही बंद होते आया है परंतु सीमा पुल पर तैनात एसएसबी के अधिकारियों को बृहस्पतिवार रात मिले 11 फरवरी की सुबह से ही सीमा सील करने के निर्देश मिले। लोगों को इसकी सूचना न मिलने के कारण शुक्रवार सुबह खरक्यूड़ा निवासी जगदीश सिंह की बैतड़ी के बसाली जा रही बरात सीमा पर फंस गई। इसी तरह बागेश्वर से बझांग जाने वाला एक मरीज और दो बुजुर्गों सहित दर्जनों लोग भी वहां फंसे रहे।
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इसकी जानकारी मिलने पर संवाद न्यूज एजेंसी ने लोगों को हो रही परेशानी के बारे में डीएम डॉ. आशीष चौहान को अवगत कराया। डीएम के निर्देश पर दोपहर साढ़े 12 बजे पुल कुछ समय के लिए खोला गया। इस दौरान पुल पर फंसी बरात समेत अन्य लोग नेपाल गए। उधर से भी कुछ लोग भारत की तरफ आए। रात 7:56 बजे दुल्हन निशा कार्की को लेकर बरात लौटी। इसमें जाते समय 10 और आते समय 14 लोग शामिल थे।
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अंतरराष्ट्रीय सीमा को मतदान शुरू होने से 72 घंटे पहले बंद करने के आदेश दिए गए थे। सीमा पुल 11 फरवरी को सुबह आठ बजे से बंद होना था। लोगों को इसकी जानकारी समय पर नहीं मिल पाई। इस कारण बरात और कुछ लोग सीमा पर फंस गए। कुछ देर के लिए सीमा पुल खोलकर फंसे लोगों को नेपाल भेज दिया गया है। - डॉ. आशीष चौहान, जिला निर्वाचन अधिकारी, पिथौरागढ़।