मुन्ना और घाट बैंड पर हुई बोल्डरों की बारिश: पिथौरागढ़ की लाइफ लाइन साढ़े छह घंटे रही बंद, यात्री रहे परेशान
पिथौरागढ़ जिले में भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। जिले में 49 एमएम तो तेजम में सबसे अधिक 82 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई।
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पिथौरागढ़ जिले में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। जिला मुख्यालय में 49 तो तेजम में सबसे अधिक 82 एमएम बारिश रिकार्ड की गई। सोमवार रात से ही जारी बारिश ने जगह-जगह आफत फैलाई। जगह-जगह मलबा और बोल्डर गिरने से जिले लाइफलाइन घाट-पिथौरागढ़ ऑलवेदर सड़क, चीन सीमा को जोड़ने वाले तवाघाट-धारचूला, तवाघाट-गुंजी हाईवे के साथ ही थल-मुनस्यारी और बेड़ीनाग-गणाई गंगोली-सेराघाट एसएच पर भी आवाजाही ठप रही। ये हाईवे पांच से छह घंटे तक बंद रहे इससे जगज-जगह सैकड़ों वाहन और यात्री फंसे रहे। तवाघाट-गुंजी हाईवे को छोड़कर अन्य सड़कों पर बमुश्किल यातायात बहाल कराया जा सका। तवाघाट-गुंजी हाईवे के बंद होने से चीन सीमा के साथ ही व्यास घाटी का संपर्क अब भी कटा है।
भारी बारिश से पिथौरागढ़-घाट के बीच सुबह करीब साढ़े नौ बजे मुन्ना बैंड और दिल्ली बैंड में ऑलवेदर सड़क बंद होने से चंपावत, अल्मोड़ा सहित टनकपुर, हल्द्वानी, पिथौरागढ़ सहित अन्य क्षेत्रों को आवाजाही करने वाली बसें, टैक्सियां, माल वाहक और निजी वाहन रास्ते में फंस गए। माल वाहक वाहनों के फंसने से जिला मुख्यालय में भी जरूरी सामानों की आपूर्ति समय पर नहीं हो पाई। अपराह्न करीब तीन बजे दोनों स्थानों पर मलबा हटाया जा सका। तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि साढ़े छह घंटे बाद यातायात बहाल होने से कई लोगों का समय पर गंतव्य तक पहुंचना मुश्किल हो गया।
ऐसे में कई लोगों ने यात्रा रद्द कर वापस जिला मुख्यालय लौटना उचित समझा। थल-मुनस्यारी स्टेट हाईवे भी तड़के करीब पांच बजे हरड़िया और रातीगाड़ के पास बंद हो गया। इस पर करीब 10 बजे आवाजाही शुरू कराई जा सकी। इस दौरान सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में यात्री और वाहन फंसे रहे। वहीं बेड़ीनाग से गणाई गंगोली और सेराघाट होते हुए अल्मोड़ा-हल्द्वानी जाने वाला स्टेट हाईवे भूस्खलन से छह घंटे से अधिक समय तक बंद रहा। ऐसे में रोडवेज बस, टैक्सियां में सफर करने वाले यात्रियों को सड़क खुलने का लंबा इंतजार करना पड़ा। करीब सवा दस बजे मलबा हटाकर यातायात बहाल हो सका। थल-ओगला राज्य राजमार्ग भी मलबा आने से सुबह पांच बजे बंद हो गया। लगभग पांच घंटे बाद मार्ग पर यातायात सुचारु हो पाया।
आदि कैलाश यात्रा मार्ग दिनभर बंद, तीनों घाटियों के सैकड़ों लोग रहे परेशान
भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर गिरने से कैलाश मानसरोवर सहित आदि कैलाश और व्यास घाटी को जोड़ने वाली तवाघाट-गुंजी रोड मंगलवार तड़के मलघाट में फिर बंद हो गई। इस मार्ग पर दिनभर वाहनों का आवागमन ठप रहा।
दारमा और चौदास घाटियों को जोड़ने वाली तवाघाट-धारचूला सड़क भी कुलागाड़ और ऐलागाड़ में भूस्खलन से सुबह बंद हो गई। सड़क बंद होने से दोनों घाटियों का संपर्क धारचूला तहसील मुख्यालय से करीब छह घंटे कटा रहा। बारिश के बीच बीआरओ की टीम को मलबा हटाने में काफी समय लगा। इस दौरान लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि तमाम प्रयासों के बाद भी तवाघाट-गुंजी हाईवे पर यातायात बहाल नहीं हो सका इससे चीन सीमा के साथ ही व्यास घाटी का संपर्क कटा है।
नदी-नाले उफान पर, विद्यालयों में रहा अवकाश
पिथौरागढ़ जिले में सोमवार रात से मंगलवार अपराह्न तक रही भारी बारिश के बीच जिला प्रशासन ने सुबह ही जिले में कक्षा एक से 12 तक के सभी सरकारी और गैरसरकारी विद्यालयों में एक दिन का अवकाश घोषित कर दिया। लगातार बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर आ गए। काली सहित राम गंगा, सरयू नदी का जल स्तर तेजी से बढ़ने के कारण नदी किनारे बसे लोगों में दहशत का माहौल रहा। अपराह्न में बारिश कम होने पर लोगों की चिंता कुछ कम हुई। काली नदी का चेतावनी स्तर 889 मीटर है और यह 888.80 मीटर पर बह रही है। गोरी और रामगंगा चेतावनी स्तर से दो से तीन मीटर नीचे बह रही है इससे क्षेत्र के लोगों में राहत है।
जिले में बारिश का आंकड़ा(एमएम में)
पिथौरागढ़ 49.5
बेरीनाग 19.0
मुनस्यारी 19.6
बंगापानी 66.0
गणाई गंगोली 40.0
देवलथल 90.0
गंगोलीहाट 32.0
डीडीहाट 31.20
धारचूला 35.6
कनालीछीना 74.0
तेजम 82.0
थल 20.0