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Pithoragarh News: बड़ी लापरवाही, मृतक कर्मचारी की लगा दी मतगणना ड्यूटी

Sat, 26 Jul 2025 10:57 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Sat, 26 Jul 2025 10:57 PM IST
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Big negligence, dead employee was put on counting duty
पिथौरागढ़। निर्वाचन आयोग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। सीमांत जिले में पहले मतदान कर्मियों की सूची लीक होने से निर्वाचन आयोग की किरकिरी हो चुकी है, अब एक नई घटना सामने आई है। मृतक कर्मचारी की मौत के सिर्फ पांच दिन बाद ही उसकी मतगणना में ड्यूटी लगा दी गई। निर्वाचन आयोग का यह कारनामा चर्चाओं में है और इस पर सवाल उठ रहे हैं।
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सीमांत जिले में पहली बार है कि पंचायत चुनाव में एक साथ कई चूक हुई हैं जो इसकी गोपनीयता को भंग करने के साथ ही संवेदनहीनता को दर्शा रही हैं। दरअसल बीती 22 जुलाई को सीएमओ कार्यालय में वरिष्ठ सहायक के पद पर तैनात मनीष पंत की गोल्फा बूथ पहुंचने के लिए खड़ी चढ़ाई चढ़ते समय हार्ट अटैक से मौत हो गई। कर्मचारी की मौत की खबर की जिले से लेकर प्रदेश तक में चर्चा है।
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निर्वाचन आयोग ने इस कर्मचारी के प्रति संवेदनहीनता का परिचय दिया है। मनीष की मौत के पांचवें दिन ही उनकी ड्यूटी धारचूला में मतगणना के लिए चढ़ा दी गई। बाकायदा मृतक कर्मचरी को जिला मुख्यालय में मतगणना के लिए होने वाले प्रशिक्षण के लिए भ्ज्ञी बुलाया गया है। मामला सामने आने पर अब अधिकारी मृतक कर्मचारी की ड्यूटी भूलवश लगने और इसे हटाने की बात कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं।
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पोलिंग पार्टियों की सूची को भी गोपनीय नहीं रख सका निर्वाचन आयोग
जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में एक के बाद दूसरी चूक सामने आ रही है। निर्वाचन आयोग यहां पोलिंग पार्टियों की सूची को भी गोपनीय नहीं रख सका। पोलिंग पार्टियों के रवाना होने से चार दिन पहले ही इसकी और इसमें शामिल मतदान कर्मियों की सूची लीक हो गई थी। निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव के लिए ऐसा होना गलत है। लीक सूची में शामिल मतदान कर्मियों के भरोसे ही पहले चरण का चुनाव कराया गया। जब यह मामला चर्चाओं में आया तो दूसरे चरण के चुनाव के लिए सूची में शामिल पोलिंग पार्टियों का रि-रेंडजाइजेशन कराने की बात कर इस कारनामे पर पर्दा डाल दिया गया। कैसे और कहां से पोलिंग पार्टियों की सूची लीक हुई, यह सवाल गुम हो गया है।
मतदान में शामिल कर्मियों की लगा दी मतगणना में ड्यूटी
निर्वाचन आयोग का कारनामा कर्मियों पर भारी पड़ रहा है। मतदान में शामिल कर्मियों की भी मतगणना में ड्यूटी लगा दी गई। कर्मचारी लगातार 10 से 11 दिन तक लगातार ड्यूटी कैसे करेंगे, इस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। दरअसल दूरस्थ विकासखंड धारचूला और मुनस्यारी में मतदान के लिए 20 जुलाई को होने वाले प्रशिक्षण में शामिल होने एक दिन पूर्व यानी 19 जुलाई को पहुंचे। प्रशिक्षण के दूसरे ही दिन 21 से 23 जुलाई तक मतदान कर्मियों को दूरस्थ बूथों के लिए रवाना किया गया। 24 जुलाई को मतदान संपन्न हुआ और दुर्गम विकासखंडों के मतदान कर्मी 25 जुलाई को स्ट्रांग रूम पहुंचे। 26 जुलाई को बमुश्किल वह घर पहुंचे तो अब उन्हें मतगणना के प्रशिक्षण में 27 जुलाई यानी आज शामिल होना होगा। दो दिन घर पर बिताने के बाद इन कर्मियों को मतगणना से एक दिन पूर्व 30 जुलाई को हर हाल में धारचूला और मुनस्यारी पहुंचना होगा और ये 31 को चुनाव ड्यूटी में शामिल होंगे। ऐसे में पहले चरण के चुनाव से मतगणना तक इन कर्मियों को लगातार काम करना होगा।

कोट
कर्मचारी का डेटा पहले से ही फीड होता है। कर्मी की मौत कुछ दिन पूर्व हुई है तो उसका डेटा सिस्टम से नहीं हटा होगा। इस चूक को सुधारकर मृतक कर्मी की ड्यूटी हटा दी जाएगी। - डॉ. दीपक सैनी, सीडीओ, पिथौरागढ़
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