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Pithoragarh News: भावना ने बैकयार्ड मुर्गी पालन को व्यवसाय में बदला
Mon, 09 Jun 2025 10:38 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Mon, 09 Jun 2025 10:38 PM IST
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पिथौरागढ़। मूनाकोट ब्लॉक के विषखोली गांव निवासी भावना देवी मुर्गी पालन व्यवसाय कर अपनी आर्थिकी को मजबूत कर रही है। भावना देवी इस व्यवसाय से सालाना 1.80 लाख रुपये की आमदनी कर रही है।
भावना ने रीप परियोजना से 75 हजार रुपये, ग्रामीण बैंक गौरीहाट से दो लाख रुपये का ऋण और 25 हजार रुपये स्वयं वहन कर 1500 मुर्गी के चूजों से मुर्गी पालन व्यवसाय प्रारंभ किया। उन्होंने इस व्यवसाय को सफल बनाने के लिए सुरक्षित शेड, उचित खाद्य प्रबंधन और स्वास्थ्य देखभाल की व्यवस्था की। वह इस व्यवसाय से प्रतिमाह 15 हजार रुपये की आमदनी कर रही हैं।
शुरुआत में मुर्गी पालन के व्यवसाय में काफी दिक्कतें जैसे मुर्गियों की बीमारियों, देखभाल, बाजार में बिक्री की समस्या आई। उन्होंने हार नहीं मानी और अपने मुर्गी व्यवसाय पर प्रतिदिन कार्य करती रहीं। भावना बताती हैं कि ग्रामोत्थान रीप परियोजना की टीम के मार्गदर्शन और तकनीकी सहायता से उनको व्यवसाय करने में सहायता प्राप्त हुई। वह अपने मुर्गी पालन व्यवसाय को और अधिक बढ़ाना चाहती है, ताकि इससे उनकी आय में और वृद्धि हो सके।
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भावना कृषि व्यवसाय और बैकयार्ड मुर्गी पालन कर अपनी आजीविका चला रही थी। उन्होंने अपने बैकयार्ड मुर्गी पालन को व्यवसाय में बदलने की सोची और उनको सफलता मिली। उन्होंने स्वयं का स्वरोजगार स्थापित कर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाया है।
इनसेट-
स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष हैं भावना
भावना देवी एनआरएलएम के जय राधा स्वामी स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष और मनमहेश स्वायत्त सहकारिता आजीविका संघ गौरीहाट की शेयर धारक हैं।
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भावना ने रीप परियोजना से 75 हजार रुपये, ग्रामीण बैंक गौरीहाट से दो लाख रुपये का ऋण और 25 हजार रुपये स्वयं वहन कर 1500 मुर्गी के चूजों से मुर्गी पालन व्यवसाय प्रारंभ किया। उन्होंने इस व्यवसाय को सफल बनाने के लिए सुरक्षित शेड, उचित खाद्य प्रबंधन और स्वास्थ्य देखभाल की व्यवस्था की। वह इस व्यवसाय से प्रतिमाह 15 हजार रुपये की आमदनी कर रही हैं।
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शुरुआत में मुर्गी पालन के व्यवसाय में काफी दिक्कतें जैसे मुर्गियों की बीमारियों, देखभाल, बाजार में बिक्री की समस्या आई। उन्होंने हार नहीं मानी और अपने मुर्गी व्यवसाय पर प्रतिदिन कार्य करती रहीं। भावना बताती हैं कि ग्रामोत्थान रीप परियोजना की टीम के मार्गदर्शन और तकनीकी सहायता से उनको व्यवसाय करने में सहायता प्राप्त हुई। वह अपने मुर्गी पालन व्यवसाय को और अधिक बढ़ाना चाहती है, ताकि इससे उनकी आय में और वृद्धि हो सके।
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भावना कृषि व्यवसाय और बैकयार्ड मुर्गी पालन कर अपनी आजीविका चला रही थी। उन्होंने अपने बैकयार्ड मुर्गी पालन को व्यवसाय में बदलने की सोची और उनको सफलता मिली। उन्होंने स्वयं का स्वरोजगार स्थापित कर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाया है।
इनसेट-
स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष हैं भावना
भावना देवी एनआरएलएम के जय राधा स्वामी स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष और मनमहेश स्वायत्त सहकारिता आजीविका संघ गौरीहाट की शेयर धारक हैं।