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Pithoragarh News: 50 लाख से भगवती मेला स्थल में बिखरेगी चमक
Mon, 26 Oct 2026 11:20 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Mon, 26 Oct 2026 11:20 PM IST
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चंपावत। मुख्यमंत्री घोषणा के तहत जिले के गोगना तोक स्थित प्रसिद्ध भगवती मेला स्थल के विकास के लिए 50 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। धनराशि स्वीकृत होने से लंबे समय से प्रतीक्षित विकास कार्यों को गति मिलेगी और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
भगवती मेला स्थल क्षेत्र की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं का प्रमुख केंद्र माना जाता है। प्रतिवर्ष यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन आधारभूत सुविधाओं के अभाव के कारण लोगों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता रहा है। मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत 50 लाख रुपये स्वीकृत होने से मेला स्थल के सौंदर्यीकरण और विभिन्न सुविधाओं के विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इससे परिसर को अधिक व्यवस्थित और आकर्षक बनाया जा सकेगा। डीएम मनीष कुमार ने कहा कि यह स्वीकृति जिले के विकास और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मेला स्थल के विकास से धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिलेगी और क्षेत्र में आगंतुकों की संख्या बढ़ने की संभावना है। उन्होंने कहा कि सुनियोजित विकास कार्यों से आसपास के गांवों में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय लोगों को स्वरोजगार और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे जिससे उनकी आय में वृद्धि होने की उम्मीद है।
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भगवती मेला स्थल क्षेत्र की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं का प्रमुख केंद्र माना जाता है। प्रतिवर्ष यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन आधारभूत सुविधाओं के अभाव के कारण लोगों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता रहा है। मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत 50 लाख रुपये स्वीकृत होने से मेला स्थल के सौंदर्यीकरण और विभिन्न सुविधाओं के विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इससे परिसर को अधिक व्यवस्थित और आकर्षक बनाया जा सकेगा। डीएम मनीष कुमार ने कहा कि यह स्वीकृति जिले के विकास और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मेला स्थल के विकास से धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिलेगी और क्षेत्र में आगंतुकों की संख्या बढ़ने की संभावना है। उन्होंने कहा कि सुनियोजित विकास कार्यों से आसपास के गांवों में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय लोगों को स्वरोजगार और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे जिससे उनकी आय में वृद्धि होने की उम्मीद है।
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