{"_id":"649c68e7efd4e0dca6096b79","slug":"base-hospital-patients-upset-due-to-non-deployment-of-staff-pithoragarh-news-c-230-shld1024-1195-2023-06-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेस अस्पताल : स्टाफ की तैनाती न होने से मरीज परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेस अस्पताल : स्टाफ की तैनाती न होने से मरीज परेशान
Wed, 28 Jun 2023 10:37 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Wed, 28 Jun 2023 10:37 PM IST
विज्ञापन
पिथौरागढ़। करोड़ों की लागत से बने बेस अस्पताल में अभी तक स्टाफ की तैनाती नहीं हो सकी है। अस्पताल के मात्र दो ब्लॉक में डायलिसिस और सीटी स्कैन हो रहा है। ओपीडी भी नाममात्र हो रही है। अन्य ब्लाॅक वीरान पड़े हैं।
बेस अस्पताल के संचालन को करीब पांच माह हो गए हैं लेकिन व्यवस्थाएं अभी तक पटरी पर नहीं पहुंची हैं। सिर्फ दो ब्लॉक में ही हल्की चहल पहल रहती है। एक ब्लॉक के ऊपरी हिस्से में हंस फाउंडेशन की डायलिसिस यूनिट और निचले तल में ओपीडी संचालित होती है। दूसरे ब्लॉक में मरीजों का सीटी स्कैन होता है। डायलिसिस यूनिट हंस फाउंडेशन को दी हुई है। यूनिट प्रभारी अनिल कुमार मरीजों की डायलिसिस करते हैं। इन दो ब्लॉकों में स्वास्थ्य विभाग के चार चिकित्सक और स्टॉफ, मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा के 20 नर्सिंग अधिकारी के जिम्मे व्यवस्थाएं चल रही हैं। मंगलवार, बृहस्पतिवार और शनिवार को छोड़ दें तो यहां पर नाम मात्र की ओपीडी होती है। मरीजों की संख्या 10 भी पहुंचना मुश्किल होता है। मंगलवार, बृहस्पतिवार को मनोचिकित्सक डॉ. ललित भट्ट और शनिवार को मनोचिकित्सक और चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. मृगांक शुक्ला ओपीडी करते हैं। सीएमओ डॉ. एचसी ह्यांकी ने बताया कि चिकित्सक और दवा स्वास्थ्य विभाग उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने बताया कि नव निर्मित भवन में जो काम होने थे वह अभी तक नहीं हुए हैं।
काम अभी भी अधूरा
पिथौरागढ़। फरवरी में स्वास्थ्य सचिव आर. राजेश कुमार ने जल्द बेस अस्पताल शुरू कराने के निर्देश दिए थे। एमओयू के हस्ताक्षर के दौरान 15 दिन में शेष काम को पूरा करने का लक्ष्य दिया गया था। ऑपरेशन थिएटर और अन्य काम पूरा करने के निर्देश कार्यदायी संस्था ब्रिडकुल को दिए गए थे लेकिन अब तक कोई काम पूरा नहीं हो सका है।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग दे रहा दवाएं
पिथौरागढ़। बेस अस्पताल में दवा स्वास्थ्य विभाग उपलब्ध करा रहा है। जबकि इसके संचालन की जिम्मेदारी मेडिकल कॉलेज की है। कंडिशनल हैंडओवर के तहत मेडिकल कॉलेज इसका संचालन कर रहा है। संवाद
विज्ञापन
बेस अस्पताल के संचालन को करीब पांच माह हो गए हैं लेकिन व्यवस्थाएं अभी तक पटरी पर नहीं पहुंची हैं। सिर्फ दो ब्लॉक में ही हल्की चहल पहल रहती है। एक ब्लॉक के ऊपरी हिस्से में हंस फाउंडेशन की डायलिसिस यूनिट और निचले तल में ओपीडी संचालित होती है। दूसरे ब्लॉक में मरीजों का सीटी स्कैन होता है। डायलिसिस यूनिट हंस फाउंडेशन को दी हुई है। यूनिट प्रभारी अनिल कुमार मरीजों की डायलिसिस करते हैं। इन दो ब्लॉकों में स्वास्थ्य विभाग के चार चिकित्सक और स्टॉफ, मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा के 20 नर्सिंग अधिकारी के जिम्मे व्यवस्थाएं चल रही हैं। मंगलवार, बृहस्पतिवार और शनिवार को छोड़ दें तो यहां पर नाम मात्र की ओपीडी होती है। मरीजों की संख्या 10 भी पहुंचना मुश्किल होता है। मंगलवार, बृहस्पतिवार को मनोचिकित्सक डॉ. ललित भट्ट और शनिवार को मनोचिकित्सक और चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. मृगांक शुक्ला ओपीडी करते हैं। सीएमओ डॉ. एचसी ह्यांकी ने बताया कि चिकित्सक और दवा स्वास्थ्य विभाग उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने बताया कि नव निर्मित भवन में जो काम होने थे वह अभी तक नहीं हुए हैं।
विज्ञापन
काम अभी भी अधूरा
पिथौरागढ़। फरवरी में स्वास्थ्य सचिव आर. राजेश कुमार ने जल्द बेस अस्पताल शुरू कराने के निर्देश दिए थे। एमओयू के हस्ताक्षर के दौरान 15 दिन में शेष काम को पूरा करने का लक्ष्य दिया गया था। ऑपरेशन थिएटर और अन्य काम पूरा करने के निर्देश कार्यदायी संस्था ब्रिडकुल को दिए गए थे लेकिन अब तक कोई काम पूरा नहीं हो सका है।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग दे रहा दवाएं
पिथौरागढ़। बेस अस्पताल में दवा स्वास्थ्य विभाग उपलब्ध करा रहा है। जबकि इसके संचालन की जिम्मेदारी मेडिकल कॉलेज की है। कंडिशनल हैंडओवर के तहत मेडिकल कॉलेज इसका संचालन कर रहा है। संवाद