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नाकेबंदी का असर: बैतड़ी के अस्पतालों में दवाएं खत्म
ब्यूरो/अमर उजाला, बैतड़ी/झूलाघाट (पिथौरागढ़)।
Updated Thu, 19 Nov 2015 05:00 PM IST
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मधेसी आंदोलन के कारण हो रही नाकेबंदी से पश्चिमी नेपाल के बैतड़ी जिले में दवाओं का घोर अभाव हो गया है। बैतड़ी में जीवनरक्षक दवाओं के साथ-साथ अन्य आवश्यक दवाओं की भी भारी कमी हो गई है। नेपाल के जिलों में भारत से ही दवाएं आती हैं। दवाओं की कमी को देखते हुए अब
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मरीजों को पांच दिन के बजाए मात्र दो दिन की दवा दी जा रही है।
बैतड़ी के दवा विक्रेताओं ने बताया कि नवजात बच्चों और एक साल तक के बच्चों के लिए दवाएं नहीं हैं। बैतड़ी जिले में 68 दवा की दुकानों में दवाओं का घोर अभाव हो गया है। जिला अस्पताल में 42 किस्म की दवाएं मिला करती थी अब यह संख्या दस में सिमट गई है। निमोनिया, बुखार, पेट दर्द जैसी सामान्य दवाएं भी मेडिकल स्टोरों में नहीं है। प्रसव के समय महिलाओं के लिए दवाओं का अभाव हो गया है। स्वास्थ्य कार्यालय बैतड़ी के प्रमुख गुणराज अवस्थी ने बताया कि पूरे जिले में दवाओं का 80 फीसदी तक अभाव हो गया है। यदि नाकेबंदी जारी रही तो स्थिति विस्फोटक हो जाएगी।
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