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बदहाल संचार के लिए फूंका बीएसएनएल का पुतला
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नाचनी (पिथौरागढ़)। एक माह पूर्व जब समकोट में बीएसएनएल का मोबाइल टावर स्थापित हुआ था तो क्षेत्र के लोगों का खुशी का ठिकाना नहीं था। दूर शहरों में काम कर रहे अपने बच्चों के साथ ही परिजनों से बातचीत करने के लिए करीब डेढ़ हजार लोगों ने मोबाइल खरीदे। वह क्षेत्र के संचार संपन्न होने के कसीदे पढ़ पाते इससे पहले ही टावर ने काम करना बंद कर दिया। इससे क्षेत्र के लोगों में आक्रोश है।
समकोट के प्रधान राजेंद्र सिंह ने बताया कि ग्रामीणों ने आंदोलन कर बीएसएनएल का टावर लगवाया था। बिजली की लाइन बनाई गई। बिजली न होने की दशा में जेनरेटर भी स्थापित किया गया। दूरस्थ क्षेत्र होने के कारण, बिजली हमेशा नहीं रहती लेकिन डीजल के अभाव में जेनरेटर नहीं चलाया जाता है।
कभी नेटवर्क प्रणाली ही काम नहीं करती। संचार विभाग की ऐसी कार्यशैली से ग्रामीणों में रोष है। टावर लगते ही चार हजार की आबादी वाले गांव में ग्रामीणों ने डेढ़ हजार फोन खरीदे। जो नेटवर्क नहीं होने पर शोपीस बन गए है। प्रधान ने शीघ्र नेटवर्क बहाल न करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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बदहाल संचार के लिए फूंका बीएसएनएल का पुतला
झूलाघाट (पिथौरागढ़)। कानड़ी के ग्रामीणों ने बदहाल संचार के खिलाफ बीएसएनएल का पुतला फूंका। उन्होंने कहा कि पिछले एक माह से क्षेत्र में संचार सेवा खराब है। इससे बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने समस्या का समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
रविवार को सामाजिक कार्यकर्ता करन लाबड़ के नेतृत्व में ग्रामीणों ने कानड़ी में एकत्र होकर बीएसएनएल के खिलाफ नारे लगाए। उन्होंने कहा कि सीमांत के अधिकतर लोग बीएसएनएल पर निर्भर हैं। आए दिन संचार सेवा खराब होने के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
एक माह से संचार सेवा बदहाल होने से छात्रों की ऑनलाइन पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विभाग को बताने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। भूपेंद्र प्रसाद ने कहा कि अगर समस्या का समाधान नहीं किया गया तो क्षेत्रवासी बीएसएनएल कार्यालय का घेराव और तालाबंदी करने के लिए मजबूर होंगे। वहां दिनेश आर्य, अजय कोहली, अंशु चंद, रोहित लाबड़, सुरेश कुमार, गोपाल राम आदि थे।
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समकोट के प्रधान राजेंद्र सिंह ने बताया कि ग्रामीणों ने आंदोलन कर बीएसएनएल का टावर लगवाया था। बिजली की लाइन बनाई गई। बिजली न होने की दशा में जेनरेटर भी स्थापित किया गया। दूरस्थ क्षेत्र होने के कारण, बिजली हमेशा नहीं रहती लेकिन डीजल के अभाव में जेनरेटर नहीं चलाया जाता है।
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कभी नेटवर्क प्रणाली ही काम नहीं करती। संचार विभाग की ऐसी कार्यशैली से ग्रामीणों में रोष है। टावर लगते ही चार हजार की आबादी वाले गांव में ग्रामीणों ने डेढ़ हजार फोन खरीदे। जो नेटवर्क नहीं होने पर शोपीस बन गए है। प्रधान ने शीघ्र नेटवर्क बहाल न करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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बदहाल संचार के लिए फूंका बीएसएनएल का पुतला
झूलाघाट (पिथौरागढ़)। कानड़ी के ग्रामीणों ने बदहाल संचार के खिलाफ बीएसएनएल का पुतला फूंका। उन्होंने कहा कि पिछले एक माह से क्षेत्र में संचार सेवा खराब है। इससे बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने समस्या का समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
रविवार को सामाजिक कार्यकर्ता करन लाबड़ के नेतृत्व में ग्रामीणों ने कानड़ी में एकत्र होकर बीएसएनएल के खिलाफ नारे लगाए। उन्होंने कहा कि सीमांत के अधिकतर लोग बीएसएनएल पर निर्भर हैं। आए दिन संचार सेवा खराब होने के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
एक माह से संचार सेवा बदहाल होने से छात्रों की ऑनलाइन पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विभाग को बताने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। भूपेंद्र प्रसाद ने कहा कि अगर समस्या का समाधान नहीं किया गया तो क्षेत्रवासी बीएसएनएल कार्यालय का घेराव और तालाबंदी करने के लिए मजबूर होंगे। वहां दिनेश आर्य, अजय कोहली, अंशु चंद, रोहित लाबड़, सुरेश कुमार, गोपाल राम आदि थे।