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Pithoragarh News: बॉर्डर पर जा सकते हैं वर्ष 2017 के बाद सेवानिवृत्त हुए आर्मी के जवान

Fri, 09 May 2025 10:49 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Fri, 09 May 2025 10:49 PM IST
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Army soldiers who retired after 2017 can go to the border
डीडीहाट/पिथौरागढ़। पाकिस्तान की नापाक हरकतों के कारण भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव बढ़ता जा रहा है। सीमा पर हो रही गोलीबारी कभी भी युद्ध में बदल सकती है। स्थिति को देखते हुए सेना अपने पूर्व सैनिकों को कभी भी बुला सकती है। इसके लिए वर्ष 2017 के बाद सेवानिवृत हुए सेना के जवानों की सूची बनाने का काम भी शुरू हो गया है।
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सूत्रों के अनुसार अगर भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहा तनाव लंबा चला तो पूर्व सैनिकों को मोर्चा संभालने के लिए बुलाया जा सकता है। इसके लिए पूर्व सैनिक कल्याण बोर्ड के कार्यालयों से वर्ष 2017 के बाद सेवानिवृत्त हुए सेना के जवानों की सूची मंगाई जा रही है। पूर्व सैनिकों की सूची तैयार कर शीघ्र ही सेना मुख्यालय को भेजी जाएगी।
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इधर, वर्षों तक सीमाओं पर डटकर देश की रक्षा करने वाले पूर्व सैनिक फिर से सीमा पर जाकर दुश्मन को ढेर करने के इच्छुक नजर आ रहे हैं। सैनिक संगठन पिथौरागढ़ और डीडीहाट के पूर्व सैनिकों का कहना है पाकिस्तान ने कभी नहीं चाहा कि सीमा पर शांति रहे। वह आए दिन गोलीबारी करता रहा है। इस बार भी पाकिस्तान ने आतंकियों को भारत में भेजकर नापाक हरकतें की हैं। ऐसे नापाक देश के खिलाफ युद्ध करने का अवसर मिलता है तो देश की रक्षा के लिए फिर से पाकिस्तान बॉर्डर पर जाने के लिए वह तैयार हैं।
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कोट
सेना में रहकर देश की रक्षा की है। यदि दोबारा अवसर मिलता है तो फिर से बाॅर्डर पर जाकर दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार हैं। पाक अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। - विक्रम भाटिया, अध्यक्ष, पूर्व सैनिक संगठन डीडीहाट
कोट
पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज आने वाला नहीं है। उसे 1965 और 71 के युद्ध की तरह सबक सिखाने की जरूरत है। हर एक पूर्व सैनिक पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध के मैदान में जाने को तैयार है। - शेर सिंह चुफाल, उपाध्यक्ष पूर्व सैनिक संगठन डीडीहाट

कोट
नापाक हरकतें करने वाले पाकिस्तान को सबक सिखाया जाना जरूरी है। यदि सेना बुलाती है तो सरहद पर जाकर दुश्मन को मार गिराने के लिए तैयार हैं। पूर्व सैनिकों को यह अवसर मिलना चाहिए। - नायब सूबेदार श्याम विश्वकर्मा


कोट
यह हर एक पूर्व सैनिक के लिए दुश्मन को सबक सिखाने का अच्छा अवसर है। सेना रिजर्व के तौर पर भी यदि उन्हें सीमा पर जाकर लड़ने का निर्देश देती है तो वह इसके लिए तैयार हैं। - सूबेदार मेजर दिवाकर सिंह

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