पिथौरागढ़: ऑलवेदर सड़क बोल्डर गिरने से बंद, सैकड़ों वाहन और यात्री दोनों तरफ फंसे; यात्रियों में आक्रोश
टनकपुर-पिथौरागढ़ सड़क सिर्फ नाम की ऑल वेदर रोड है। यह किसी भी मौसम में बंद हो सकती है। फिर से यह साबित हुआ है। बृहस्पतिवार को घाट बैंड के पास मौसम खुलने के बाद भी पहाड़ी से बोल्डरों की बारिश होने से सड़क फिर से बंद हो गई।
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पिथौरागढ़ जिले की लाइफलाइन टनकपुर-पिथौरागढ़ सड़क सिर्फ नाम की ऑल वेदर रोड है। यह किसी भी मौसम में बंद हो सकती है। फिर से यह साबित हुआ है। बृहस्पतिवार को घाट बैंड के पास मौसम खुलने के बाद भी पहाड़ी से बोल्डरों की बारिश होने से सड़क फिर से बंद हो गई। इससे सड़क के दोनों ओर सैकड़ों यात्री और वाहन फंस गए।
इस दौरान मरीजों को हायर सेंटर ले जा रहीं एंबुलेंस के पहिये भी थम गए। घंटों बाद भी जब सड़क नहीं खुली तो कई यात्रियों और मरीजों को वापस जिला मुख्यालय लौटना पड़ा। करोड़ों खर्च करने के बाद बनी इस सड़क के बंद होने से यात्रियों का पारा चढ़ गया और उन्होंने घाट बैंड पर ही प्रदर्शन कर आक्रोश जताया।
बरसात थमने के बावजूद बारहमासी सड़क के बंद होने का सिलसिला थम नहीं पा रहा है। बरसात शुरू होने से अब तक इस सड़क के विभिन्न डेंजर जोन में भूस्खलन और बोल्डर गिरने से यात्री परेशान होते रहे हैं। बृहस्पतिवार सुबह करीब 10 बजे घाट बैंड में भारी भूस्खलन हुआ। पहाड़ी से बोल्डरों की बारिश हुई तो सड़क के दोनों तरफ रोडवेज बस, टैक्सी सहित अन्य वाहक वाहनों के साथ एंबुलेंस और सैकड़ों यात्री फंस गए। दोनों तरफ वाहनों की डेढ़ किलोमीटर से अधिक लंबी कतार लग गई।
यात्री सड़क खुलने का इंतजार करते रहे। घंटों इंतजार के बाद भी जब सड़क नहीं खुली तो कई यात्री और वाहन चालकों को वापस जिला मुख्यालय लौटना पड़ा। वहीं हायर सेंटर जा रहीं एंबुलेंस भी वापस लौटीं और मरीजों को फिर से अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा। लंबे इंतजार के बाद भी जब यातायात शुरू नहीं हुआ तो फंसे यात्रियों ने सड़क पर ही प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च कर जिस सड़क को ऑलवेदर का नाम दिया गया है वह बगैर बारिश के बंद हो रही है।
ऐसे में यात्रियों, वाहन चालकों और मरीजों को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। यह सरासर सरकार की नाकामी है। चेतावनी देते हुए कहा कि जल्द सड़क की हालत ठीक नहीं हुई तो जिले के लोग सड़कों पर उतरने के लिए विवश होंगे। प्रदर्शन करने वालों में सुशील खत्री, राकेश, संजीव, गुड्डू, दीपक, भुवन, बालम, शुभम, मुकुल, नवीन सहित अन्य यात्री शामिल रहे। वहीं शाम छह बजे तक आवाजाही शुरू नहीं हो सकी।
घाट और दिल्ली बैंड बने हैं खतरा
बारहमासी सड़क मानूसन के दौरान बार-बार बंद होती रही है। अब मौसम खुलने के बाद भी नाम के अनुरूप सड़क पर आवाजाही सुचारू रखना चुनौती बना है। पिछले कुछ दिनों से से मुन्ना बैंड, घाट और दिल्ली बैंड पर बगैर बारिश के भी पहाड़ी से बोल्डर गिर रहे हैं और आवागमन खतरनाक बना हुआ है। इसे देखते हुए बीते दिनों प्रशासन ने शाम छह से सुबह छह बजे तक घाट-पिथौरागढ़ के बीच आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया है जो कई सवाल खड़े कर रहा है। संवाद
रसोई गैस, ईधन के साथ फल-सब्जी से भरे वाहनों फंसे, आपूर्ति लड़खड़ाई
पिथौरागढ़ जिले में हल्द्वानी, टनकपुर से रसोई गैस, ईधन, फल, सब्जी, राशन, निर्माण सामग्री की आपूर्ति होती है। घाट बैंड के पास सुबह से ही सड़क बंद होने से ये सामग्री ला रहे माल वाहक वाहन फंसे रहे इससे जिले में आपूर्ति लड़खड़ा गई। दुकानदारों के साथ ही खरीदार भी ताले फल-सब्जियों की राह देखते रहे लेकिन सभी को निराश होना पड़ा। यदि जल्द सड़क नहीं खुली तो पेट्रोल पंपों में ईधन तो गोदामों में रसोई गैस संकट गहराने की आशंका है। संवाद
घाट बैंड के पास बोल्डर गिरने से ऑलवेदर सड़क बंद रही। पहाड़ी से लगातार बोल्डर गिरने से इन्हें सड़क से हटाना मुश्किल हुआ। जल्द सड़क पर आवाजाही सुचारू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। यात्रियों की सुरक्षा प्राथमिकता है।
भूपेंद्र महर, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, पिथौरागढ़