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Pithoragarh News: खेतों पर बरसी बर्बादी की बारिश, आंखों में तैर रहा नुकसान
Sun, 27 Sep 2026 11:01 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 27 Sep 2026 11:01 PM IST
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पिथौरागढ़/चंपावत। लगातार हो रही बारिश ने कुमाऊं के पर्वतीय क्षेत्रों में खरीफ की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। खेतों में पककर तैयार धान, मड़ुवा, मादिरा, भट, तिल और सोयाबीन की फसल बारिश के पानी में भीगकर खराब होने लगी है।
कई जगह नालों के उफान और खेतों में जलभराव से खड़ी फसल बर्बाद हो गई है। कटाई के बाद खेतों में रखी धान की फसल भी भीगने से सड़ने का खतरा बढ़ गया है। घास और पराल खराब होने से पशुपालकों की चिंता भी बढ़ गई है।
पिथौरागढ़ के गंगोलीहाट, बुंगाछीना और बिण क्षेत्र के साथ चंपावत की लधियाघाटी में किसानों को नुकसान पहुंचा है। चंपावत के मछियाड़, गागरी और सिरसोड़ा में धान की फसल प्रभावित हुई है। किसानों के अनुसार, महीनों की मेहनत और खेती में लगाई गई जमा पूंजी बारिश की भेंट चढ़ गई है। उन्होंने प्रशासन से फसल क्षति का सर्वे कराकर मुआवजा देने की मांग की है।
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धान से लेकर भट तक की फसल बर्बाद
पिथौरागढ़ जिले में धान, मड़ुवा, मादिरा, तिल, भट, सोयाबीन और उड़द की फसल को नुकसान पहुंचा है। गंगोलीहाट में पकी फसल खेतों में सड़ने लगी है। निचले क्षेत्रों में कटाई के बाद खेतों में रखी धान की फसल और पराल भी बारिश में भीग गए हैं। हजारों रुपये की घास खराब होने से पशुपालकों की परेशानी बढ़ गई है। खेतों में बोई गई लहसुन, पालक, लाई, मेथी और मटर की फसल के अंकुरण पर भी असर पड़ने की आशंका है।
दो मकान जमींदोज, कई पर खतरा
चंपावत के कोट अमोड़ी के सन्दर्का गांव में रविवार सुबह बारिश से डिग्री देवी और खुशाल दत्त भट्ट के मकान जमींदोज हो गए। डिग्री देवी घटना के समय घर में थीं। प्रभावितों को दूसरे मकान में शिफ्ट किया गया है। हादसे में लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है। चंपावत नगर के तल्ली मादली में लघु सिंचाई कार्यालय के पास अब्दुल रहीम के घर के आंगन की सुरक्षा दीवार ढह गई। इससे मकान को खतरा पैदा हो गया है।
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किसानों का दर्द...
फसल को जंगली जानवरों से बचाना पहले ही कठिन है। अब मौसम ने बड़ी परेशानी खड़ी कर दी है। सरकार को मुआवजा देना चाहिए। -मोहन सिंह, ग्राम जजुट, गंगोलीहाट
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पकी हुई फसल बारिश ने नष्ट कर दी है। सरकार को मुआवजा देकर काश्तकारों की परेशानी कम करनी चाहिए। -भगवती प्रसाद पंत, ग्राम लाली, गंगोलीहाट
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भारी बारिश से भट की पकी फसल खेत में सड़ने लगी है। जंगली जानवरों ने पहले से कमर तोड़ रखी है। ऐसे में किसान बहुत मायूस हैं। सरकार को उनकी सुध लेनी चाहिए। पुष्कर सिंह चौहान, बुंगाछीना, कनालीछीना
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बारिश से खेत भी खराब हो गए हैं। कई किसानों की खेत में खड़ी धान, भट की फसल सहित घास को भी नुकसान पहुंचा है। कलावती कुंवर, टकाड़ी, बिण
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लगातार हो रही बारिश से खेतों में खड़ी फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। कई महीनों की मेहनत और खर्च के बाद फसल तैयार की थी, लेकिन बारिश ने पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया है। इससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। -चंदन सिंह, काश्तकार, चंपावत
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खेतों से काटकर रखी गई धान की फसल लगातार बारिश में पूरी तरह भीग गई है। फसल खराब होने का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन को नुकसान का सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा और राहत दिलानी चाहिए। -विक्रम सिंह, काश्तकार
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लगातार बारिश फसलों और सब्जियों के लिए नुकसानदायक है। बारिश जारी रही तो नर्सरी में तैयार हो रहे पौधों, बर्डिंग प्लांट, मौन पालकों और उर्वरक को भी नुकसान हो सकता है। -योगेश भट्ट, जिला उद्यान अधिकारी, चंपावत
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कई जगह नालों के उफान और खेतों में जलभराव से खड़ी फसल बर्बाद हो गई है। कटाई के बाद खेतों में रखी धान की फसल भी भीगने से सड़ने का खतरा बढ़ गया है। घास और पराल खराब होने से पशुपालकों की चिंता भी बढ़ गई है।
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पिथौरागढ़ के गंगोलीहाट, बुंगाछीना और बिण क्षेत्र के साथ चंपावत की लधियाघाटी में किसानों को नुकसान पहुंचा है। चंपावत के मछियाड़, गागरी और सिरसोड़ा में धान की फसल प्रभावित हुई है। किसानों के अनुसार, महीनों की मेहनत और खेती में लगाई गई जमा पूंजी बारिश की भेंट चढ़ गई है। उन्होंने प्रशासन से फसल क्षति का सर्वे कराकर मुआवजा देने की मांग की है।
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धान से लेकर भट तक की फसल बर्बाद
पिथौरागढ़ जिले में धान, मड़ुवा, मादिरा, तिल, भट, सोयाबीन और उड़द की फसल को नुकसान पहुंचा है। गंगोलीहाट में पकी फसल खेतों में सड़ने लगी है। निचले क्षेत्रों में कटाई के बाद खेतों में रखी धान की फसल और पराल भी बारिश में भीग गए हैं। हजारों रुपये की घास खराब होने से पशुपालकों की परेशानी बढ़ गई है। खेतों में बोई गई लहसुन, पालक, लाई, मेथी और मटर की फसल के अंकुरण पर भी असर पड़ने की आशंका है।
दो मकान जमींदोज, कई पर खतरा
चंपावत के कोट अमोड़ी के सन्दर्का गांव में रविवार सुबह बारिश से डिग्री देवी और खुशाल दत्त भट्ट के मकान जमींदोज हो गए। डिग्री देवी घटना के समय घर में थीं। प्रभावितों को दूसरे मकान में शिफ्ट किया गया है। हादसे में लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है। चंपावत नगर के तल्ली मादली में लघु सिंचाई कार्यालय के पास अब्दुल रहीम के घर के आंगन की सुरक्षा दीवार ढह गई। इससे मकान को खतरा पैदा हो गया है।
किसानों का दर्द...
फसल को जंगली जानवरों से बचाना पहले ही कठिन है। अब मौसम ने बड़ी परेशानी खड़ी कर दी है। सरकार को मुआवजा देना चाहिए। -मोहन सिंह, ग्राम जजुट, गंगोलीहाट
पकी हुई फसल बारिश ने नष्ट कर दी है। सरकार को मुआवजा देकर काश्तकारों की परेशानी कम करनी चाहिए। -भगवती प्रसाद पंत, ग्राम लाली, गंगोलीहाट
भारी बारिश से भट की पकी फसल खेत में सड़ने लगी है। जंगली जानवरों ने पहले से कमर तोड़ रखी है। ऐसे में किसान बहुत मायूस हैं। सरकार को उनकी सुध लेनी चाहिए। पुष्कर सिंह चौहान, बुंगाछीना, कनालीछीना
बारिश से खेत भी खराब हो गए हैं। कई किसानों की खेत में खड़ी धान, भट की फसल सहित घास को भी नुकसान पहुंचा है। कलावती कुंवर, टकाड़ी, बिण
लगातार हो रही बारिश से खेतों में खड़ी फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। कई महीनों की मेहनत और खर्च के बाद फसल तैयार की थी, लेकिन बारिश ने पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया है। इससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। -चंदन सिंह, काश्तकार, चंपावत
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खेतों से काटकर रखी गई धान की फसल लगातार बारिश में पूरी तरह भीग गई है। फसल खराब होने का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन को नुकसान का सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा और राहत दिलानी चाहिए। -विक्रम सिंह, काश्तकार
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लगातार बारिश फसलों और सब्जियों के लिए नुकसानदायक है। बारिश जारी रही तो नर्सरी में तैयार हो रहे पौधों, बर्डिंग प्लांट, मौन पालकों और उर्वरक को भी नुकसान हो सकता है। -योगेश भट्ट, जिला उद्यान अधिकारी, चंपावत