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Pithoragarh News: आफत के उफान में हौसले की छलांग, दो जिंदगियां बचाकर मिसाल बनीं माया
Mon, 02 Nov 2026 11:20 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Mon, 02 Nov 2026 11:20 PM IST
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चंपावत। भारी बारिश के बीच उफनती नदी में दो सहेलियां बहने लगीं तो माया ने अपनी जान की परवाह नहीं की। उन्होंने नदी में छलांग लगाकर दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस दौरान वह खुद भी घायल हो गईं लेकिन हिम्मत नहीं हारी और परीक्षा देने स्कूल पहुंच गईं। अब उनके इस साहस के लिए उन्हें मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
विकासखंड चंपावत के घुरचुम गांव निवासी 17 वर्षीय माया कांडपाल को छह नवंबर को देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सम्मानित करेंगे। जिला स्तरीय चयन समिति की संस्तुति के बाद महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग ने उनका चयन किया है। डीएम मनीष कुमार ने कहा कि माया ने अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय देकर अपनी दो सहेलियों की जान बचाई। उनका यह कार्य जिले के लिए गौरव की बात है और अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणा बनेगा।
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सहेलियों को बचाने के बाद घायल हालत में दी परीक्षा
माया ने पांच अगस्त 2025 को यह साहसिक कदम उठाया था। उस दिन भारी बारिश के कारण भूस्खलन से सड़कें बाधित थीं। माया अपनी सहेलियों कोमल और आरती के साथ नदी पार कर स्कूल जा रही थीं। इसी दौरान तेज बहाव में दोनों सहेलियां बहने लगीं। माया ने बिना देर किए नदी में छलांग लगा दी और काफी प्रयास के बाद दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस दौरान वह खुद भी घायल हो गईं, लेकिन सहेलियों को बचाने के बाद स्कूल पहुंचीं और परीक्षा दी।
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परीक्षा में हासिल किए अच्छे अंक
साहसिक घटना के बाद भी माया ने पढ़ाई जारी रखी। वर्ष 2026 की इंटरमीडिएट परीक्षा में उन्होंने 86.6 फीसदी अंक हासिल किए। साहस और शिक्षा के क्षेत्र में उनके प्रदर्शन को देखते हुए उनका चयन राज्य बाल वीरता पुरस्कार के लिए किया गया है।
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विकासखंड चंपावत के घुरचुम गांव निवासी 17 वर्षीय माया कांडपाल को छह नवंबर को देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सम्मानित करेंगे। जिला स्तरीय चयन समिति की संस्तुति के बाद महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग ने उनका चयन किया है। डीएम मनीष कुमार ने कहा कि माया ने अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय देकर अपनी दो सहेलियों की जान बचाई। उनका यह कार्य जिले के लिए गौरव की बात है और अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणा बनेगा।
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सहेलियों को बचाने के बाद घायल हालत में दी परीक्षा
माया ने पांच अगस्त 2025 को यह साहसिक कदम उठाया था। उस दिन भारी बारिश के कारण भूस्खलन से सड़कें बाधित थीं। माया अपनी सहेलियों कोमल और आरती के साथ नदी पार कर स्कूल जा रही थीं। इसी दौरान तेज बहाव में दोनों सहेलियां बहने लगीं। माया ने बिना देर किए नदी में छलांग लगा दी और काफी प्रयास के बाद दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस दौरान वह खुद भी घायल हो गईं, लेकिन सहेलियों को बचाने के बाद स्कूल पहुंचीं और परीक्षा दी।
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परीक्षा में हासिल किए अच्छे अंक
साहसिक घटना के बाद भी माया ने पढ़ाई जारी रखी। वर्ष 2026 की इंटरमीडिएट परीक्षा में उन्होंने 86.6 फीसदी अंक हासिल किए। साहस और शिक्षा के क्षेत्र में उनके प्रदर्शन को देखते हुए उनका चयन राज्य बाल वीरता पुरस्कार के लिए किया गया है।