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धारचूला तहसील को दुर्गम घोषित किया जाए
Pithoragarh
Updated Mon, 20 Oct 2014 05:34 AM IST
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धारचूला (पिथौरागढ़)। पंचायत प्रतिनिधियों ने संपूर्ण धारचूला तहसील को दुर्गम क्षेत्र घोषित करने की मांग की है ताकि दूरदराज स्कूलों में वर्षों से कार्यरत शिक्षकों को सुविधाजनक स्थानों में स्थानांतरण का अवसर मिल सके। धारचूला के कुछ दूरस्थ स्कूलों को शिक्षा विभाग ने कोटिकरण के समय सुगम का दर्जा दे दिया था, जबकि इन स्कूलों में किसी प्रकार की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
जिला पंचायत सदस्य भूपेंद्र थापा, मंजुला बुदियाल, इंद्रा देवी ने शिक्षा मंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा है कि धारचूला तहसील के पांगू, पांगला, रांथी, जुम्मा जैसे दूरस्थ स्कूलों को सुगम का दर्जा दिया गया है। सुगम स्कूलों में कार्यरत होने के कारण यहां के शिक्षकों को स्थानांतरण का मौका नहीं मिल पा रहा है और वह वर्षों से यहां पर अटके हुए हैं। उन्होंने कहा है कि धारचूला तहसील के स्कूलों का कोटिकरण करने की जरूरत नहीं है। पूरे तहसील क्षेत्र को सुगम का दर्जा दिया जाए ताकि शिक्षकों को स्थानांतरण का अवसर मिल सके। यह मामला 17 अक्तूबर को क्षेत्र के दौरे पर आ रहे मुख्यमंत्री के सामने भी उठाया जाएगा।
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जिला पंचायत सदस्य भूपेंद्र थापा, मंजुला बुदियाल, इंद्रा देवी ने शिक्षा मंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा है कि धारचूला तहसील के पांगू, पांगला, रांथी, जुम्मा जैसे दूरस्थ स्कूलों को सुगम का दर्जा दिया गया है। सुगम स्कूलों में कार्यरत होने के कारण यहां के शिक्षकों को स्थानांतरण का मौका नहीं मिल पा रहा है और वह वर्षों से यहां पर अटके हुए हैं। उन्होंने कहा है कि धारचूला तहसील के स्कूलों का कोटिकरण करने की जरूरत नहीं है। पूरे तहसील क्षेत्र को सुगम का दर्जा दिया जाए ताकि शिक्षकों को स्थानांतरण का अवसर मिल सके। यह मामला 17 अक्तूबर को क्षेत्र के दौरे पर आ रहे मुख्यमंत्री के सामने भी उठाया जाएगा।
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