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स्कूलों का कोटिकरण ठीक करो
Pithoragarh
Updated Sun, 07 Sep 2014 05:32 AM IST
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पिथौरागढ़। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने विद्यालयों के कोटिकरण को सही करने और बीच सत्र में शिक्षकों के स्थानांतरण को बंद करने की मांग की है। ऐसा न करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष केसी पंत, जिलामंत्री दिनेश चंद्र उपाध्याय ने मुख्यमंत्री हरीश रावत, शिक्षामंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी को ज्ञापन भेजकर कहा है कि पहाड़ी राज्य के लिए मैदानी क्षेत्र को ध्यान में रखकर नियम बनाया जाना गलत है। शिक्षकों के स्थानांतरण के लिए वर्ष 2013 में बनाई गई नियमावली पर्वतीय क्षेत्र के लिए हितकर नहीं है। जिले में कई विद्यालयों का कोटिकरण गलत हुआ है। सुगम को दुर्गम और दुर्गम विद्यालयों को सुगम दर्शाया गया है। बीच सत्र में शिक्षकों के स्थानांतरण से भी बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है।
परिषद ने कोटिकरण की खामियों को तत्काल ठीक करने, बीच सत्र में स्थानांतरण बंद करने और पांच छात्र संख्या से कम वाले स्कूलों को बंद कर संबंधित शिक्षक को दूसरे स्कूल में समायोजित करने की मांग की है। कहा है कि उक्त मांगों पर 28 सितंबर तक कार्रवाई नहीं होने पर परिषद आंदोलन शुरू कर देगी।
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राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष केसी पंत, जिलामंत्री दिनेश चंद्र उपाध्याय ने मुख्यमंत्री हरीश रावत, शिक्षामंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी को ज्ञापन भेजकर कहा है कि पहाड़ी राज्य के लिए मैदानी क्षेत्र को ध्यान में रखकर नियम बनाया जाना गलत है। शिक्षकों के स्थानांतरण के लिए वर्ष 2013 में बनाई गई नियमावली पर्वतीय क्षेत्र के लिए हितकर नहीं है। जिले में कई विद्यालयों का कोटिकरण गलत हुआ है। सुगम को दुर्गम और दुर्गम विद्यालयों को सुगम दर्शाया गया है। बीच सत्र में शिक्षकों के स्थानांतरण से भी बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है।
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परिषद ने कोटिकरण की खामियों को तत्काल ठीक करने, बीच सत्र में स्थानांतरण बंद करने और पांच छात्र संख्या से कम वाले स्कूलों को बंद कर संबंधित शिक्षक को दूसरे स्कूल में समायोजित करने की मांग की है। कहा है कि उक्त मांगों पर 28 सितंबर तक कार्रवाई नहीं होने पर परिषद आंदोलन शुरू कर देगी।
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