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धूल फांक रही हैं अल्ट्रासाउंड मशीन
Pithoragarh
Updated Mon, 26 May 2014 05:39 AM IST
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धारचूला (पिथौरागढ़)। धारचूला तहसील की करीब एक लाख आबादी को चिकित्सा सुविधा देने के लिए खोले गए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की दशा बेहद खराब है। तहसील क्षेत्र के 56 गांवों के लोगों के अलावा नेपाल के दार्चुला जिले से भी मरीज यहां इलाज को आते हैं। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड और एक्सरे मशीन तकनीशियन के अभाव में धूल फांक रहे हैं। अस्पताल में सफाई का कोई इंतजाम नहीं है। वार्डों से बिस्तर की सफाई नहीं होती। आम जनता अस्पताल की दुर्दशा को लेकर भारी आक्रोश में है। उत्तराखंड राज्य गठन के बाद सबसे ज्यादा दुर्गति दूरदराज के अस्पतालों की हुई। अब भी सरकार व्यवस्था सुधारने का कोई प्रयास नहीं कर रही है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सिर्फ एक स्थायी डाक्टर है। स्थायी डाक्टर को सरकारी बैठकों के अलावा अस्पताल की प्रशासनिक व्यवस्था का कामकाज भी संभालना पड़ता है। चार संविदा डाक्टर यहां पर तैनात किए गए हैं। फिजिशियन का पद लंबे समय से खाली होने के कारण लोगों को और ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बताया गया है कि शासन और चिकित्सा विभाग यहां से डाक्टरों का एक एक कर तबादला तो करता गया लेकिन नई नियुक्तियां नहीं की गई। इस कारण आम जनता को इस अस्पताल से कोई सुविधा नहीं मिल पा रही है।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सिर्फ एक स्थायी डाक्टर है। स्थायी डाक्टर को सरकारी बैठकों के अलावा अस्पताल की प्रशासनिक व्यवस्था का कामकाज भी संभालना पड़ता है। चार संविदा डाक्टर यहां पर तैनात किए गए हैं। फिजिशियन का पद लंबे समय से खाली होने के कारण लोगों को और ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बताया गया है कि शासन और चिकित्सा विभाग यहां से डाक्टरों का एक एक कर तबादला तो करता गया लेकिन नई नियुक्तियां नहीं की गई। इस कारण आम जनता को इस अस्पताल से कोई सुविधा नहीं मिल पा रही है।
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