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छोटे भाई की मौत के बाद बड़े ने भी त्यागे प्राण
Pithoragarh
Updated Thu, 22 Nov 2012 12:00 PM IST
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डीडीहाट। दुनिया में जमीन-जायदाद के लिए लोग एक दूसरे के खून के प्यासे हो गए हैं। लेकिन पहाड़ में अब भी खून के रिश्तों में पवित्रता बनी हुई है। डीडीहाट के एक छोटे से गांव के दो भाइयों का प्यार पूरे क्षेत्र के लिए मिसाल बन गया है। जहां एक भाई की मौत के बाद दूसरे ने भी दम तोड़ दिया।
डीडीहाट से लगे लोहारगांव में रहने वाले फुंता राम (80) और उसके छोटे भाई बच्ची राम (70) में बहुत प्यार था। 40 साल पहले किसी बात को लेकर दोनों का विवाद हो गया और बच्ची राम घर छोड़कर चला गया। अपने प्रवास के दौरान बच्ची राम को रह रहकर अपने घर और बड़े भाई की याद सताती रही। अपने जीवन के अंतिम दिन अपने बड़े भाई के साथ बिताने के लिए बच्ची राम तीन महीने पहले गांव वापस आ गया और अपने बड़े भाई की सेवा में जुट गया। दोनों भाइयों में अगाध प्रेम था। ग्रामीणों ने बताया कि छोटा भाई बच्ची राम अक्सर बीमार रहता था। इसी बीमारी की वजह से मंगलवार की शाम छोटे भाई बच्ची राम का निधन हो गया। फुंता राम छोटे भाई की मौत को बर्दाश्त नहीं कर सका और देर रात उसने भी प्राण त्याग दिए। परिजनों ने बुधवार को दोनों भाइयों का थल के रामगंगा घाट में अंतिम संस्कार किया।
डीडीहाट से लगे लोहारगांव में रहने वाले फुंता राम (80) और उसके छोटे भाई बच्ची राम (70) में बहुत प्यार था। 40 साल पहले किसी बात को लेकर दोनों का विवाद हो गया और बच्ची राम घर छोड़कर चला गया। अपने प्रवास के दौरान बच्ची राम को रह रहकर अपने घर और बड़े भाई की याद सताती रही। अपने जीवन के अंतिम दिन अपने बड़े भाई के साथ बिताने के लिए बच्ची राम तीन महीने पहले गांव वापस आ गया और अपने बड़े भाई की सेवा में जुट गया। दोनों भाइयों में अगाध प्रेम था। ग्रामीणों ने बताया कि छोटा भाई बच्ची राम अक्सर बीमार रहता था। इसी बीमारी की वजह से मंगलवार की शाम छोटे भाई बच्ची राम का निधन हो गया। फुंता राम छोटे भाई की मौत को बर्दाश्त नहीं कर सका और देर रात उसने भी प्राण त्याग दिए। परिजनों ने बुधवार को दोनों भाइयों का थल के रामगंगा घाट में अंतिम संस्कार किया।
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