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टुपरौली में मिला मादा गुलदार का शव
Pithoragarh
Updated Wed, 21 Nov 2012 12:00 PM IST
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गणाईगंगोली । गुलदारों पर मंडराए संकट के बीच एक और बुरी खबर है। गणाईगंगोली के टुपरौली में एक मादा गुलदार का शव मिला है। किसी जंगली जानवर के साथ संघर्ष में मादा गुलदार के मौत की संभावना व्यक्त की गई है।
टुपरौली के ग्रामीणों ने मंगलवार की सुबह खेतों में एक गुलदार का शव पड़ा देखा। सामाजिक कार्यकर्ता गोकुल गंगोला ने वन और राजस्व विभाग को इसकी जानकारी दी। सूचना पर राजस्व उप निरीक्षक बृजमोहन बिष्ट और वन दरोगा शेर राम ने मौके पर पहुंचकर गुलदार के शव को पोस्टमार्टम के लिए गंगोलीहाट भेजा। ग्रामीणों ने बताया कि सोमवार की रात खेत में जंगली जानवरों में संघर्ष होने की आवाजें आ रहीं थीं। जिस खेत में गुलदार का शव मिला, वहां पर जंगली जानवरों के बीच संघर्ष होने के निशान हैं। मृत गुलदार के गले, पैर समेत तमाम हिस्सों में घाव थे। आशंका व्यक्त की जा रही है कि जंगली सूअरों ने गुलदार को मौत के घाट उतारा है। पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक डा. राजीव कुमार ने मादा गुलदार की मौत चोट लगने के कारण होना बताया है। मादा गुलदार की उम्र दो वर्ष आंकी गई है। चिकित्सक ने भी गुलदार की मौत जंगली जानवरों के आपसी संघर्ष में होने की आशंका से इंकार नहीं किया है।
टुपरौली के ग्रामीणों ने मंगलवार की सुबह खेतों में एक गुलदार का शव पड़ा देखा। सामाजिक कार्यकर्ता गोकुल गंगोला ने वन और राजस्व विभाग को इसकी जानकारी दी। सूचना पर राजस्व उप निरीक्षक बृजमोहन बिष्ट और वन दरोगा शेर राम ने मौके पर पहुंचकर गुलदार के शव को पोस्टमार्टम के लिए गंगोलीहाट भेजा। ग्रामीणों ने बताया कि सोमवार की रात खेत में जंगली जानवरों में संघर्ष होने की आवाजें आ रहीं थीं। जिस खेत में गुलदार का शव मिला, वहां पर जंगली जानवरों के बीच संघर्ष होने के निशान हैं। मृत गुलदार के गले, पैर समेत तमाम हिस्सों में घाव थे। आशंका व्यक्त की जा रही है कि जंगली सूअरों ने गुलदार को मौत के घाट उतारा है। पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक डा. राजीव कुमार ने मादा गुलदार की मौत चोट लगने के कारण होना बताया है। मादा गुलदार की उम्र दो वर्ष आंकी गई है। चिकित्सक ने भी गुलदार की मौत जंगली जानवरों के आपसी संघर्ष में होने की आशंका से इंकार नहीं किया है।
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