{"_id":"117-44547","slug":"Pithoragarh-44547-117","type":"story","status":"publish","title_hn":"नाचनी बाजार में चार माह से पानी नहीं ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नाचनी बाजार में चार माह से पानी नहीं
Pithoragarh
Updated Mon, 19 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
नाचनी। नगर में रहने वाली दो हजार की आबादी को बीते चार महीनों से पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के समय हुई अतिवृष्टि के कारण यहां के लिए बनी दो पेयजल लाइनें बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई थीं। इसके बाद से यहां जल संकट पैदा हो गया है। नागरिकों ने पेयजल महकमे को ज्ञापन भेजकर पेयजल आपूर्ति बहाल करने की मांग की है।
व्यापार संघ अध्यक्ष कुंदन सिंह बथियाल, सामाजिक कार्यकर्ता खड़क सिंह, खुशाल सिंह दसौली और मोहन सिंह ने बताया कि नाचनी बाजार में रहने वाली दो हजार की आबादी के लिए टिमटिया और बोरागांव से दो पेयजल लाइन बिछाई गई हैं। चार माह पहले हुई अतिवृष्टि ने रातीगाड़ और हरड़िया नाले के पास पेयजल लाइनों को बुरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया। हालांकि पेयजल महकमे ने नाचनी तक पानी पहुंचाने के लिए अस्थाई व्यवस्था कर दी थी, लेकिन इससे भी समस्या पूरी तरह सुलझी नहीं। नलों में पानी नहीं आने से लोगों को दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। उन्हें अब भी पानी के लिए मीलों दूर जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में जल संस्थान को ज्ञापन भेजा है। अगर शीघ्र समस्या का समाधान नहीं होता है तो जनता को आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
उधर जल संस्थान के जूनियर इंजीनियर एसएस रावत ने बताया कि दैवीय आपदा के मद से धनराशि अवमुक्त होने में अधिक समय लगा गया। योजना की मरम्मत के लिए जल्दी टेंडर जारी कर दिए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
व्यापार संघ अध्यक्ष कुंदन सिंह बथियाल, सामाजिक कार्यकर्ता खड़क सिंह, खुशाल सिंह दसौली और मोहन सिंह ने बताया कि नाचनी बाजार में रहने वाली दो हजार की आबादी के लिए टिमटिया और बोरागांव से दो पेयजल लाइन बिछाई गई हैं। चार माह पहले हुई अतिवृष्टि ने रातीगाड़ और हरड़िया नाले के पास पेयजल लाइनों को बुरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया। हालांकि पेयजल महकमे ने नाचनी तक पानी पहुंचाने के लिए अस्थाई व्यवस्था कर दी थी, लेकिन इससे भी समस्या पूरी तरह सुलझी नहीं। नलों में पानी नहीं आने से लोगों को दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। उन्हें अब भी पानी के लिए मीलों दूर जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में जल संस्थान को ज्ञापन भेजा है। अगर शीघ्र समस्या का समाधान नहीं होता है तो जनता को आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
विज्ञापन
उधर जल संस्थान के जूनियर इंजीनियर एसएस रावत ने बताया कि दैवीय आपदा के मद से धनराशि अवमुक्त होने में अधिक समय लगा गया। योजना की मरम्मत के लिए जल्दी टेंडर जारी कर दिए जाएंगे।
विज्ञापन