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प्यासे हैं मस्मोली और मानासीमा के 42 परिवार
Pithoragarh
Updated Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
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थल। थल से लगे मस्मोली और मानासीमा गांव के 42 परिवारों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। यहां के लिए बनी पेयजल योजना आठ माह से क्षतिग्रस्त है। इसकी वजह से ग्रामीणों को भारी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। नागरिकों ने पेयजल महकमे को ज्ञापन भेजकर योजना की शीघ्र मरम्मत करने की मांग की है।
मस्मोली के पूर्व ग्राम प्रधान दुर्गादत्त जोशी ने बताया कि भुलगाड़ से बनी पेयजल योजना से दो गांव की जनता लाभान्निवत होती है। पिछले साल की दैवीय आपदा में इस योजना को भारी क्षति हुई थी। उसके बाद दैवीय आपदा मद से इसकी मरम्मत की गई। लेकिन मार्च 2012 की बारिश ने इस योजना को फिर से क्षतिग्रस्त कर दिया। ग्रामीणों ने जल संस्थान के अधिकारियों को इसकी सूचना दी थी। उसके बाद भी विभाग ने इस समस्या के समाधान के लिए कोई कदम नहीं उठाए। नलों में पानी नहीं आने से ग्रामीणों को प्राकृतिक जल स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता है। लंबे समय से बारिश नहीं होने से ये स्रोत भी सूखने लगे हैं। उन्होंने कहा कि अगर एक सप्ताह के भीतर पेयजल लाइन की मरम्मत नहीं होती है, तो ग्रामीण आंदोलन को बाध्य होंगे। उधर जल संस्थान के जूनियर इंजीनियर बीडी भट्ट ने बताया कि पेयजल योजना की मरम्मत के लिए सामान पहुंचाने का काम शुरू हो गया है। तीन दिन के भीतर निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
मस्मोली के पूर्व ग्राम प्रधान दुर्गादत्त जोशी ने बताया कि भुलगाड़ से बनी पेयजल योजना से दो गांव की जनता लाभान्निवत होती है। पिछले साल की दैवीय आपदा में इस योजना को भारी क्षति हुई थी। उसके बाद दैवीय आपदा मद से इसकी मरम्मत की गई। लेकिन मार्च 2012 की बारिश ने इस योजना को फिर से क्षतिग्रस्त कर दिया। ग्रामीणों ने जल संस्थान के अधिकारियों को इसकी सूचना दी थी। उसके बाद भी विभाग ने इस समस्या के समाधान के लिए कोई कदम नहीं उठाए। नलों में पानी नहीं आने से ग्रामीणों को प्राकृतिक जल स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता है। लंबे समय से बारिश नहीं होने से ये स्रोत भी सूखने लगे हैं। उन्होंने कहा कि अगर एक सप्ताह के भीतर पेयजल लाइन की मरम्मत नहीं होती है, तो ग्रामीण आंदोलन को बाध्य होंगे। उधर जल संस्थान के जूनियर इंजीनियर बीडी भट्ट ने बताया कि पेयजल योजना की मरम्मत के लिए सामान पहुंचाने का काम शुरू हो गया है। तीन दिन के भीतर निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
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