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जोशी ने की बच्चों की सेवा तो कश्यप ने चित्रकला को दिलाई पहचान
Updated Sat, 01 Sep 2018 10:29 PM IST
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पिथौरागढ़/नाचनी। जिले के दो शिक्षकों का चयन राज्यपाल पुरस्कार के लिए चयनित होने पर शिक्षकों में खुशी है। प्रारंभिक से जूनियर हाईस्कूल नैनीपातल के गिरीश चंद्र जोशी और माध्यमिक से राइंका बांसबगड़ में कला शिक्षक डॉ. राजीव कश्यप को यह पुरस्कार पांच सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर राजभवन में राज्यपाल की ओर से प्रदान किए जाएंगे।
गिरीश चंद्र जोशी ने 2005 से अब तक करीब 300 स्कूलों में 10 हजार से अधिक गरीब तबके के बच्चों को अपने खर्चे से ड्रेस, बैग, ट्रेकसूट और स्टेशनरी सामग्री मुहैया कराई है। साथ ही अपने खर्चे पर उन्होंने विद्यालय में स्मार्ट कक्षाओं का संचालन कराया। उन्होंने ज्योतिष विज्ञान पर 10 किताबें लिखी है। वाणी और अल्फा प्रकाशन से उनकी किताबों का प्रकाशन हुआ है। साथ ही प्रारंभिक शिक्षा की दशा और दिशा पर भी उन्होंने किताब लिखी है। जोशी अभिभावकों और ग्रामीणों में पर्यावरण के प्रति अलख भी जगा रहे हैं।
जंगलों को आग से बचाने के लिए भी उन्होंने कई अभियान चलाए। उधर, मुनस्यारी विकास खंड के राइंका बांसबगड़ में कला शिक्षक के रूप में कार्य कर रहे राजीव कश्यप ने महज छह वर्षों के सेवाकाल में 98 छात्रों को राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में पुरस्कार दिला चुके हैं।
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सामाजिक कार्यों में भी उनकी बढ़चढ़ कर सहभागिता रहती है। कश्यप सबसे कम उम्र और सबसे कम सेवाकाल में इस अवार्ड से सम्मानित होंगे। दोनों शिक्षकों की इस उपलब्धि पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने खुशी व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
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गिरीश चंद्र जोशी ने 2005 से अब तक करीब 300 स्कूलों में 10 हजार से अधिक गरीब तबके के बच्चों को अपने खर्चे से ड्रेस, बैग, ट्रेकसूट और स्टेशनरी सामग्री मुहैया कराई है। साथ ही अपने खर्चे पर उन्होंने विद्यालय में स्मार्ट कक्षाओं का संचालन कराया। उन्होंने ज्योतिष विज्ञान पर 10 किताबें लिखी है। वाणी और अल्फा प्रकाशन से उनकी किताबों का प्रकाशन हुआ है। साथ ही प्रारंभिक शिक्षा की दशा और दिशा पर भी उन्होंने किताब लिखी है। जोशी अभिभावकों और ग्रामीणों में पर्यावरण के प्रति अलख भी जगा रहे हैं।
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जंगलों को आग से बचाने के लिए भी उन्होंने कई अभियान चलाए। उधर, मुनस्यारी विकास खंड के राइंका बांसबगड़ में कला शिक्षक के रूप में कार्य कर रहे राजीव कश्यप ने महज छह वर्षों के सेवाकाल में 98 छात्रों को राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में पुरस्कार दिला चुके हैं।
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सामाजिक कार्यों में भी उनकी बढ़चढ़ कर सहभागिता रहती है। कश्यप सबसे कम उम्र और सबसे कम सेवाकाल में इस अवार्ड से सम्मानित होंगे। दोनों शिक्षकों की इस उपलब्धि पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने खुशी व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।