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सैन्य क्षेत्र में वैज्ञानिक तरीके से हो रहा सब्जी उत्पादन
Updated Sun, 17 Dec 2017 10:26 PM IST
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पिथौरागढ़। सेना की पंचशूल ब्रिगेड के अधीन एकता शक्ति बटालियन ने वैज्ञानिक तरीके से सब्जी उत्पादन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। डिफेंस इंस्टीट्यूट आफ बायो एनर्जी रिसर्च (डिबेर) के तकनीकी सहयोग से तैयार हरित गृह में इस समय कई तरह की बेमौसमी सब्जियों का उत्पादन किया जा रहा है। डिबेर की निदेशक मधुबाला और कर्नल संजीव भल्ला ने निरीक्षण के बाद कहा कि यह सराहनीय प्रयास है।
छावनी क्षेत्र में इस हरित गृह में पॉलीहाउस में फूल गोभी, पत्ता गोभी, ब्रोकली, मटर, टमाटर, मूली, मेथी, पालक, राई जैसी सब्जियों के अलावा संतरे के पौधों का रोपण किया गया है। पौधों के लिए वर्मी कंपोस्ट खाद सैन्य क्षेत्र में ही तैयार की गई है। डिबेर की निदेशक मधुबाला और कर्नल संजीव भल्ला ने कहा कि इस तरीके से सब्जी का उत्पादन करने पर जवानों की जरूरतों को पूरा किया जा सकता है।
साथ ही हर मौसम में अंकुरित होने वाले सब्जी और फलों के बीज भी दिए जाएंगे। सेना के जवान इस हरित गृह की देखरेख खुद करते हैं। समय पर खाद और पानी देने से सब्जी का उत्पादन लगातार बढ़ रहा है। अधिकारियों ने कहा कि यह वैज्ञानिक तकनीक है और आम लोगों को भी इसे अपनाना चाहिए।
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छावनी क्षेत्र में इस हरित गृह में पॉलीहाउस में फूल गोभी, पत्ता गोभी, ब्रोकली, मटर, टमाटर, मूली, मेथी, पालक, राई जैसी सब्जियों के अलावा संतरे के पौधों का रोपण किया गया है। पौधों के लिए वर्मी कंपोस्ट खाद सैन्य क्षेत्र में ही तैयार की गई है। डिबेर की निदेशक मधुबाला और कर्नल संजीव भल्ला ने कहा कि इस तरीके से सब्जी का उत्पादन करने पर जवानों की जरूरतों को पूरा किया जा सकता है।
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साथ ही हर मौसम में अंकुरित होने वाले सब्जी और फलों के बीज भी दिए जाएंगे। सेना के जवान इस हरित गृह की देखरेख खुद करते हैं। समय पर खाद और पानी देने से सब्जी का उत्पादन लगातार बढ़ रहा है। अधिकारियों ने कहा कि यह वैज्ञानिक तकनीक है और आम लोगों को भी इसे अपनाना चाहिए।
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