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जंगली जानवरों के आतंक से परेशान लोगों का प्रदर्शन
Updated Sun, 19 Nov 2017 10:38 PM IST
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पिथौरागढ़। जंगली जानवरों के आतंक से परेशान लोगों ने देवलथल बाजार में वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। देवलथल तहसील के उसैल, जोशीगांव, आगर, हराली, पथरौली, नखनोली, नखरौड़ा, म्योली, लोहाकोट, थालगांव, चौपाता, उड़ाई, सौगांव, बमडोली, सिल, सचू, रसैपाटा, अलगड़ा आदि गांवों में बंदर अब घर में घुसकर नुकसान पहुंचाने लगे हैं। रात के समय सुअर और दिन में बंदर फसलों को उजाड़ रहे हैं।
जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार ने बताया कि जंगली जानवरों के आतंक का यह मामला कई बार जिला पंचायत की बैठक में वन विभाग के अधिकारियों के सामने उठाया जा चुका है। विभाग के अधिकारी हर बार कार्रवाई का आश्वासन तो देते हैं, लेकिन अब तक किसानों को कोई राहत नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि जंगली जानवरों के आतंक से किसान फसल बोने में भी रुचि नहीं रख रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने कई बार जंगली जानवरों का आतंक समाप्त करने के लिए नीति बनाने की बात कही थी, लेकिन यह नीति लागू नहीं हो पाई है। देवलथल क्षेत्र के लोगों ने बताया कि पिछले दो तीन वर्षों से बंदरों का आतंक ज्यादा बढ़ा है। आशंका है कि अन्य इलाकों से बंदर पकड़कर इस इलाके में छोड़ दिए गए हैं।
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प्रदर्शन में गिरीश भट्ट, अशोक भट्ट, देवेंद्र पांडे, डिगर राम, चंदर राम, सुरेंद्र बसेड़ा, दिनेश शास्त्री, गोकुल प्रसाद आदि लोग शामिल हुए। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो जिला मुख्यालय में उग्र आंदोलन किया जाएगा।
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जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार ने बताया कि जंगली जानवरों के आतंक का यह मामला कई बार जिला पंचायत की बैठक में वन विभाग के अधिकारियों के सामने उठाया जा चुका है। विभाग के अधिकारी हर बार कार्रवाई का आश्वासन तो देते हैं, लेकिन अब तक किसानों को कोई राहत नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि जंगली जानवरों के आतंक से किसान फसल बोने में भी रुचि नहीं रख रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि सरकार ने कई बार जंगली जानवरों का आतंक समाप्त करने के लिए नीति बनाने की बात कही थी, लेकिन यह नीति लागू नहीं हो पाई है। देवलथल क्षेत्र के लोगों ने बताया कि पिछले दो तीन वर्षों से बंदरों का आतंक ज्यादा बढ़ा है। आशंका है कि अन्य इलाकों से बंदर पकड़कर इस इलाके में छोड़ दिए गए हैं।
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प्रदर्शन में गिरीश भट्ट, अशोक भट्ट, देवेंद्र पांडे, डिगर राम, चंदर राम, सुरेंद्र बसेड़ा, दिनेश शास्त्री, गोकुल प्रसाद आदि लोग शामिल हुए। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो जिला मुख्यालय में उग्र आंदोलन किया जाएगा।