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लापता लोगों की खोजबीन में कामयाबी मिलना असंभव
Updated Sun, 27 Aug 2017 12:56 AM IST
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पिथौरागढ़। मांगती और मालपा में लापता 23 लोगों की खोजबीन का काम शनिवार को भी जारी रहा, लेकिन अब कोई सफलता मिलना असंभव होता जा रहा है। अब मांगती से आगे महाकाली के किनारे खोजबीन का काम चल रहा है, लेकिन महाकाली का प्रवाह इतना तेज है कि उसमें किसी का मिल पाना संभव नहीं है। जिलाधिकारी सी रविशंकर ने बताया कि खोजबीन के काम में एसएसबी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, राजस्व पुलिस जुटी है। नेपाल से भी कई लोग अपनों की खोज के लिए पहुंचे हैं। मालपा से लापता लोगों में ज्यादातर नेपाल के हैं।
प्रशासन ने शनिवार को मालपा और नजंग नाले के पास वायरलेस स्थापित कर दिया है। अब दोनों स्थानों से रोज की जानकारी जिला मुख्यालय में मिलने लगी है। फिलहाल लोगों के आवागमन के लिए धारचूला से गुंजी और बूंदी के लिए हेलीकॉप्टर सेवा जारी है। शनिवार को हेलीकॉप्टर ने गुंजी और बूंदी तक छह उड़ान भरी। दोनों स्थानों से 28 लोगों को लाया और ले जाया गया। अब तक कुल 929 लोगों को हेलीकॉप्टर से लाया और ले जाया जा चुका है। इसमें कैलाश मानसरोवर यात्री भी शामिल हैं।
वहीं, डीएम ने बताया कि नजंग नाले पर रास्ते की मरम्मत के लिए लोनिवि के 115 और मालपा में 100 मजदूर काम कर रहे हैं। प्रशासन अब दो-तीन दिन में खोजबीन के काम को बंद करने पर विचार कर रहा है। इधर, यह आशंका जताई जा रही है कि ज्यादातर लोग महाकाली में बह गए होंगे। इसके अलावा कुछ के मलबे में काफी गहराई तक दबने की आशंका है। प्रशासन का पूरा ध्यान अब पैदल रास्तों की मरम्मत, टूटे पुलों की जगह नए पुल बनाने और क्षेत्र में राशन की सप्लाई करने पर है।
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प्रशासन ने शनिवार को मालपा और नजंग नाले के पास वायरलेस स्थापित कर दिया है। अब दोनों स्थानों से रोज की जानकारी जिला मुख्यालय में मिलने लगी है। फिलहाल लोगों के आवागमन के लिए धारचूला से गुंजी और बूंदी के लिए हेलीकॉप्टर सेवा जारी है। शनिवार को हेलीकॉप्टर ने गुंजी और बूंदी तक छह उड़ान भरी। दोनों स्थानों से 28 लोगों को लाया और ले जाया गया। अब तक कुल 929 लोगों को हेलीकॉप्टर से लाया और ले जाया जा चुका है। इसमें कैलाश मानसरोवर यात्री भी शामिल हैं।
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वहीं, डीएम ने बताया कि नजंग नाले पर रास्ते की मरम्मत के लिए लोनिवि के 115 और मालपा में 100 मजदूर काम कर रहे हैं। प्रशासन अब दो-तीन दिन में खोजबीन के काम को बंद करने पर विचार कर रहा है। इधर, यह आशंका जताई जा रही है कि ज्यादातर लोग महाकाली में बह गए होंगे। इसके अलावा कुछ के मलबे में काफी गहराई तक दबने की आशंका है। प्रशासन का पूरा ध्यान अब पैदल रास्तों की मरम्मत, टूटे पुलों की जगह नए पुल बनाने और क्षेत्र में राशन की सप्लाई करने पर है।
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