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हैली से कैलाश यात्रा का संचालन करने का विरोध करेंगे पौनी-पोटर्स
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पिथौरागढ़। उत्तराखंड पोनीपोर्टर्स संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि कैलाश मानसरोवर यात्रियों को हेलीकॉप्टर से भेजा जाएगा तो वे इसका विरोध करेंगे। उन्होंने प्रभारी जिलाधिकारी को पत्र सौंपकर कैलाश मानसरोवर के लिए पैदल मार्ग को शीघ्र दुरुस्त करने की मांग की है।
प्रदेश अध्यक्ष जगत मर्तोलिया ने कहा कि सड़क खराब होने से अर्द्ध सैनिक बलों के जवान, व्यापारी, बीआरओ के कार्मिक और माइग्रेशन जाने वाले स्थानीय लोग जान हथेली में रखकर आवागमन करते हैं। कहा कि लोक निर्माण विभाग अभी तक पैदल मार्ग को चलने लायक नहीं बना पाया है। गत वर्ष यात्रियों को हेलीकॉप्टर से लाए और ले जाने पर 1800 पोनी, 3800 पोर्टर्स बेरोजगार रहे। इस क्षेत्र में अधिकतर लोगों की आजीविका का मुख्य साधन कैलाश यात्रा ही है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 में कैलाश यात्रियों का सिर्फ एक दल पैदल गया था। छोटा कैलाश के दो दल पैदल मार्ग से गए थे। छोटा कैलाश यात्रा बाद में बंद कर दी गई थी। इससेे पोनी और पोर्टर्स को बेरोजगार रहना पड़ा था। उन्होंने कहा कि इस मार्ग के सुधार में करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी यदि पैदल मार्ग से यात्रा संचालित नहीं हुई तो इसका विरोध किया जाएगा।
प्रदेश अध्यक्ष जगत मर्तोलिया ने कहा कि सड़क खराब होने से अर्द्ध सैनिक बलों के जवान, व्यापारी, बीआरओ के कार्मिक और माइग्रेशन जाने वाले स्थानीय लोग जान हथेली में रखकर आवागमन करते हैं। कहा कि लोक निर्माण विभाग अभी तक पैदल मार्ग को चलने लायक नहीं बना पाया है। गत वर्ष यात्रियों को हेलीकॉप्टर से लाए और ले जाने पर 1800 पोनी, 3800 पोर्टर्स बेरोजगार रहे। इस क्षेत्र में अधिकतर लोगों की आजीविका का मुख्य साधन कैलाश यात्रा ही है।
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उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 में कैलाश यात्रियों का सिर्फ एक दल पैदल गया था। छोटा कैलाश के दो दल पैदल मार्ग से गए थे। छोटा कैलाश यात्रा बाद में बंद कर दी गई थी। इससेे पोनी और पोर्टर्स को बेरोजगार रहना पड़ा था। उन्होंने कहा कि इस मार्ग के सुधार में करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी यदि पैदल मार्ग से यात्रा संचालित नहीं हुई तो इसका विरोध किया जाएगा।
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