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गांधीनगर और गोघाटीबगढ़ के ग्रामीणों ने दी चुनाव बहिष्कार की धमकी
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मुनस्यारी/धारचूला। आपदा में ध्वस्त पुलिया का निर्माण नहीं होने से मुनस्यारी के गांधीनगर गांव के लिए राशन एवं अन्य जरूरी सामान तीन गुना अधिक भाड़े में ढोना पड़ रहा है। कई बार मांग करने के बाद भी अनदेखी करने से ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने उपेक्षा का आरोप लगाते हुए लोक सभा चुनावों का बहिष्कार करने की चेतावनी दी है।
प्रधान बसंत आर्या की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि मुख्य बाजार को जोड़ने वाली गोनाउडियार की पुलिया आपदा में बह गई थी। पुलिया का निर्माण नहीं होने से जरूरी सामान जोशा होते हुए गांव पहुंच रहा है। इसके चलते निर्धारित भाड़े से तीन गुना अधिक धनराशि देनी पड़ रही है। कई बार प्रशासन के सामने समस्या रखी गई, लेकिन कोरे आश्वासन दिए गए। उन्होंने कहा कि सड़क की मांग भी अनसुनी की जा रही है। 2016 में आमरण अनशन करने के बाद भी मात्र आश्वासन ही दिए गए। उन्होंने कहा कि लगातार उनकी उपेक्षा से आहत होकर ग्रामीणों को चुनाव बहिष्कार का संकल्प लेना पड़ रहा है।
धारचूला की दारमा सड़क बंद है। ग्रामीणों ने 10 अप्रैल तक सड़क नहीं खोलने पर चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दी है। दिलिंग दारमा सेवा समिति के महासचिव पूरन ग्वाल ने कहा कि तीन माह से दारमा घाटी में पंगबाबे में सड़क बंद है। कहा कि 15 अप्रैल से लोग उच्च हिमालयी क्षेत्र की ओर माइग्रेशन पर जाना शुरू कर देंगे। यदि सड़क नहीं खुली तो उन्हें तमाम परेशानियों से जूझना पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सड़क नहीं खुली तो ग्राम पंचायत गो घाटीबगड़ के ग्रामीण लोकसभा चुनावों में मतदान नहीं करेंगे। शीघ्र सड़क खोलने की मांग करने वालों में चंद्रसिंह, लक्ष्मी देवी, नारायण सिंह, विनोद सिंह, भगत सिंह, रूप सिंह, सुंदर राम, पदम राम आदि उपस्थित थे।
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प्रधान बसंत आर्या की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि मुख्य बाजार को जोड़ने वाली गोनाउडियार की पुलिया आपदा में बह गई थी। पुलिया का निर्माण नहीं होने से जरूरी सामान जोशा होते हुए गांव पहुंच रहा है। इसके चलते निर्धारित भाड़े से तीन गुना अधिक धनराशि देनी पड़ रही है। कई बार प्रशासन के सामने समस्या रखी गई, लेकिन कोरे आश्वासन दिए गए। उन्होंने कहा कि सड़क की मांग भी अनसुनी की जा रही है। 2016 में आमरण अनशन करने के बाद भी मात्र आश्वासन ही दिए गए। उन्होंने कहा कि लगातार उनकी उपेक्षा से आहत होकर ग्रामीणों को चुनाव बहिष्कार का संकल्प लेना पड़ रहा है।
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धारचूला की दारमा सड़क बंद है। ग्रामीणों ने 10 अप्रैल तक सड़क नहीं खोलने पर चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दी है। दिलिंग दारमा सेवा समिति के महासचिव पूरन ग्वाल ने कहा कि तीन माह से दारमा घाटी में पंगबाबे में सड़क बंद है। कहा कि 15 अप्रैल से लोग उच्च हिमालयी क्षेत्र की ओर माइग्रेशन पर जाना शुरू कर देंगे। यदि सड़क नहीं खुली तो उन्हें तमाम परेशानियों से जूझना पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सड़क नहीं खुली तो ग्राम पंचायत गो घाटीबगड़ के ग्रामीण लोकसभा चुनावों में मतदान नहीं करेंगे। शीघ्र सड़क खोलने की मांग करने वालों में चंद्रसिंह, लक्ष्मी देवी, नारायण सिंह, विनोद सिंह, भगत सिंह, रूप सिंह, सुंदर राम, पदम राम आदि उपस्थित थे।
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