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बीआरओ के मुख्य अभियंता वाहन से पहुंचे लीलम
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मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। सीमा सड़क संगठन के प्रोजेक्ट हीरक की ओर से बनाई जा रही मुनस्यारी-बोगड्यार-मिलम सड़क पर आज महत्वपूर्ण उपलब्धि हुई है। बीआरओ के मुख्य अभियंता विमल गोस्वामी समेत अन्य अधिकारी वाहनों के साथ पहली बार लीलम गांव पहुंचे।
लीलम गांव दरकोट बीआरओ कैंप से 15.5 किमी की दूरी पर मिलम मार्ग पर स्थित है जो कि सड़क से जुड़ गया है। इस मौके पर गोस्वामी ने कहा कि तीन-चार दिनों में लीलम तक वाहन चलने लगेंगे। इससे सुदूर स्थित लीलम, साइंपोलु, बुंईं, पातों के ग्रामीणों को सुविधा मिलेगी। अमर उजाला से बातचीत में मुख्य अभियंता ने बताया कि उनके आने के बाद सड़कों की गति तेज हुई है। कहा कि उनका यहां पांचवां भ्रमण है।
कहा कि इस सड़क से जुड़े गांवों के ग्रामीणों को रोजगार भी दिया जाएगा। यदि क्रशर की शीघ्र अनुमति मिली तो जौलजीबी-मुनस्यारी मार्ग पर लगभग छह माह में डामरीकरण कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभी वर्तमान में धापा से लीलम तक 16 किमी और मिलम से नीचे की ओर लासपा तक 27 किमी सड़क कट चुकी है। उन्होंने सड़क में हो रही देरी को मल्ला जोहार क्षेत्र में सड़क निर्माण करने के लिए अनुकूल मौसम न होने और मैकेनिकल सपोर्ट समय पर नहीं पहुंचना बताया। उन्होंने कहा कि जिन काश्तकारों को मुआवजे नहीं मिले हैं।
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उन्हें मुआवजा दिया जाएगा। ऐसे 81 काश्तकारों के लिखित प्रमाणित प्रार्थना पत्र प्रधान के माध्यम से उनके पास पहुंच गए हैं। लीलम में उन्होंने ग्रामीणों के साथ मिष्ठान वितरित कर खुशी जताई। इस मौके पर 765 कृतिक बल के कमांडर कर्नल एस बनर्जी, प्रभारी सहायक अभियंता सिविल विक्रांत सिन्हा, एबीसीआई कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर केशव जोशी, धर्मेंद्र राठी मौजूद थे।
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लीलम गांव दरकोट बीआरओ कैंप से 15.5 किमी की दूरी पर मिलम मार्ग पर स्थित है जो कि सड़क से जुड़ गया है। इस मौके पर गोस्वामी ने कहा कि तीन-चार दिनों में लीलम तक वाहन चलने लगेंगे। इससे सुदूर स्थित लीलम, साइंपोलु, बुंईं, पातों के ग्रामीणों को सुविधा मिलेगी। अमर उजाला से बातचीत में मुख्य अभियंता ने बताया कि उनके आने के बाद सड़कों की गति तेज हुई है। कहा कि उनका यहां पांचवां भ्रमण है।
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कहा कि इस सड़क से जुड़े गांवों के ग्रामीणों को रोजगार भी दिया जाएगा। यदि क्रशर की शीघ्र अनुमति मिली तो जौलजीबी-मुनस्यारी मार्ग पर लगभग छह माह में डामरीकरण कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभी वर्तमान में धापा से लीलम तक 16 किमी और मिलम से नीचे की ओर लासपा तक 27 किमी सड़क कट चुकी है। उन्होंने सड़क में हो रही देरी को मल्ला जोहार क्षेत्र में सड़क निर्माण करने के लिए अनुकूल मौसम न होने और मैकेनिकल सपोर्ट समय पर नहीं पहुंचना बताया। उन्होंने कहा कि जिन काश्तकारों को मुआवजे नहीं मिले हैं।
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उन्हें मुआवजा दिया जाएगा। ऐसे 81 काश्तकारों के लिखित प्रमाणित प्रार्थना पत्र प्रधान के माध्यम से उनके पास पहुंच गए हैं। लीलम में उन्होंने ग्रामीणों के साथ मिष्ठान वितरित कर खुशी जताई। इस मौके पर 765 कृतिक बल के कमांडर कर्नल एस बनर्जी, प्रभारी सहायक अभियंता सिविल विक्रांत सिन्हा, एबीसीआई कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर केशव जोशी, धर्मेंद्र राठी मौजूद थे।