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खेतागांव में 48 में से मात्र 4 परिवारों के पास बिजली
Updated Fri, 26 Oct 2018 10:50 PM IST
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नाचनी (पिथौरागढ़)। सैंणराथी के खेतागांव में 48 परिवारों में से मात्र 4 परिवारों के पास बिजली है। यह मामला सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम में उठा जोरशोर से उठा।
डीडीहाट के कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी अनिल कुमार ने सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम के तहत गांव में शिविर लगाकर लोगों की समस्याएं सुनीं। लोगों ने बिजली विभाग की मनमानी का मामला उठाते हुए कहा कि गांव में बिजली के पोल लगाकर छोड़ दिए हैं, इनमें तार तक नहीं बिछाए हैं।
विद्युतीकरण का लाभ मात्र चार परिवारों को मिल रहा है। कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी ने कहा कि इस मामले को डीएम के सामने रखा जाएगा। लोगों ने गांव को जोड़ने वाली सड़क का मामला उठाते हुए कहा कि वर्ष 2016 में खेता के लिए 6 किमी सड़क कटी थी, लेकिन मलबा आने से सड़क वर्ष 2017 से बंद पड़ी है।
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लोगों ने जंगली जानवरों का मामला भी शिविर में उठाया। कहा कि जंगली जानवर आलू, राजमा की खेती उजाड़ रहे हैं। जंगली जानवरों की रोकथाम के लिए कदम उठाए जाने चाहिए। शिविर में सीआरसी समन्वयक गोविंद राणा, फार्मासिस्ट दुर्गा सिंह राणा, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी जगत सिंह कोरंगा, न्याय पंचायत प्रभारी कृषि योगेंद्र चौहान, ग्राम प्रधान गंगा सिंह आदि मौजूद थे।
बिजली, लोनिवि, वन विभाग के अधिकारी नहीं थे मौजूद
नाचनी। शिविर में बिजली, लोनिवि, वन विभाग के अधिकारी मौजूद नहीं थे। डीडीहाट के कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी अनिल कुमार का कहना है कि सूचना देने के बाद भी शिविर में न आना लापरवाही है। इस संबंध में डीएम को पत्र भेजा जाएगा।
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डीडीहाट के कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी अनिल कुमार ने सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम के तहत गांव में शिविर लगाकर लोगों की समस्याएं सुनीं। लोगों ने बिजली विभाग की मनमानी का मामला उठाते हुए कहा कि गांव में बिजली के पोल लगाकर छोड़ दिए हैं, इनमें तार तक नहीं बिछाए हैं।
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विद्युतीकरण का लाभ मात्र चार परिवारों को मिल रहा है। कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी ने कहा कि इस मामले को डीएम के सामने रखा जाएगा। लोगों ने गांव को जोड़ने वाली सड़क का मामला उठाते हुए कहा कि वर्ष 2016 में खेता के लिए 6 किमी सड़क कटी थी, लेकिन मलबा आने से सड़क वर्ष 2017 से बंद पड़ी है।
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लोगों ने जंगली जानवरों का मामला भी शिविर में उठाया। कहा कि जंगली जानवर आलू, राजमा की खेती उजाड़ रहे हैं। जंगली जानवरों की रोकथाम के लिए कदम उठाए जाने चाहिए। शिविर में सीआरसी समन्वयक गोविंद राणा, फार्मासिस्ट दुर्गा सिंह राणा, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी जगत सिंह कोरंगा, न्याय पंचायत प्रभारी कृषि योगेंद्र चौहान, ग्राम प्रधान गंगा सिंह आदि मौजूद थे।
बिजली, लोनिवि, वन विभाग के अधिकारी नहीं थे मौजूद
नाचनी। शिविर में बिजली, लोनिवि, वन विभाग के अधिकारी मौजूद नहीं थे। डीडीहाट के कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी अनिल कुमार का कहना है कि सूचना देने के बाद भी शिविर में न आना लापरवाही है। इस संबंध में डीएम को पत्र भेजा जाएगा।