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सरकार सुलझा रही चौकोड़ी भूमि विवाद: कोश्यारी
Updated Tue, 08 May 2018 10:52 PM IST
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बेड़ीनाग (पिथौरागढ़)। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नैनीताल सांसद भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि प्रदेश सरकार चौकोड़ी के भूमि विवाद को हल करने के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है। इस मुद्दे पर उनकी मुख्यमंत्री से दो दौर की वार्ता भी हो गई है। सरकार जनहित को प्राथमिकता में रखकर कब्जेदारों को जमीन का मालिकाना हक दिलाएगी।
मंगलवार शाम पत्रकारों से बातचीत करते हुए कोश्यारी ने कहा कि चौकोड़ी में लोग पांच दशक से मकान बना रहे हैं। यहां चाय उद्योग बंद होने के बाद निर्माण कार्यों में तेजी आई। ग्रामीणों ने बच्चों की शिक्षा आदि कारणों से मकान बनाए। यहां कई सरकारी और प्राइवेट स्कूल हैं। लोगों के पास पानी बिजली के कनेक्शन हैं।
बेड़ीनाग को सरकार ने नगर पंचायत का दर्जा दे दिया है। अब जबकि यहां चाय नहीं उग रही है तो काबिज लोगों को फ्रीहोल्ड कर जमीन का मालिकाना हक दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रशासनिक अधिकारियों और भूमि कानून विशेषज्ञों से इस मामले में राय मशविरा कर रही है।
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क्या है चौकोड़ी-बेड़ीनाग का भूमि विवाद
अंग्रेजों के समय में बने चौकोड़ी चाय बागानों में मालदार परिवार का स्वामित्व था। 1962 में सीलिंग एक्ट के दौरान सरकार ने इसे टी स्टेट का दर्जा दे दिया। इसके साथ ही मालदार परिवार को चाय उत्पादन कर लोगों को रोजगार दिलाने की मंशा से सौंप दिया गया। बाद में धीरे-धीरे यह भूमि बांड पेपरों में बिकती रही। इस परिवार के आपसी विवादों के न्यायालय में पहुंचने के बाद उच्च न्यायालय ने यहां निर्माण कार्यों के लिए स्थगनादेश दिया है। पिछले दिनों प्रशासन ने निर्माण कार्य कर रहे 22 लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर 55 लाख रुपए का जुर्माना ठोका है। तब से कब्जेदारों में हड़कंप है। जन प्रतिनिधियों ने सरकार के माध्यम से इसके समाधान की कवायद तेज कर दी है।
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मंगलवार शाम पत्रकारों से बातचीत करते हुए कोश्यारी ने कहा कि चौकोड़ी में लोग पांच दशक से मकान बना रहे हैं। यहां चाय उद्योग बंद होने के बाद निर्माण कार्यों में तेजी आई। ग्रामीणों ने बच्चों की शिक्षा आदि कारणों से मकान बनाए। यहां कई सरकारी और प्राइवेट स्कूल हैं। लोगों के पास पानी बिजली के कनेक्शन हैं।
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बेड़ीनाग को सरकार ने नगर पंचायत का दर्जा दे दिया है। अब जबकि यहां चाय नहीं उग रही है तो काबिज लोगों को फ्रीहोल्ड कर जमीन का मालिकाना हक दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रशासनिक अधिकारियों और भूमि कानून विशेषज्ञों से इस मामले में राय मशविरा कर रही है।
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क्या है चौकोड़ी-बेड़ीनाग का भूमि विवाद
अंग्रेजों के समय में बने चौकोड़ी चाय बागानों में मालदार परिवार का स्वामित्व था। 1962 में सीलिंग एक्ट के दौरान सरकार ने इसे टी स्टेट का दर्जा दे दिया। इसके साथ ही मालदार परिवार को चाय उत्पादन कर लोगों को रोजगार दिलाने की मंशा से सौंप दिया गया। बाद में धीरे-धीरे यह भूमि बांड पेपरों में बिकती रही। इस परिवार के आपसी विवादों के न्यायालय में पहुंचने के बाद उच्च न्यायालय ने यहां निर्माण कार्यों के लिए स्थगनादेश दिया है। पिछले दिनों प्रशासन ने निर्माण कार्य कर रहे 22 लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर 55 लाख रुपए का जुर्माना ठोका है। तब से कब्जेदारों में हड़कंप है। जन प्रतिनिधियों ने सरकार के माध्यम से इसके समाधान की कवायद तेज कर दी है।