फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   नेपाल चुनाव के दौरान 72 घंटे सील रहेगी सीमा

नेपाल चुनाव के दौरान 72 घंटे सील रहेगी सीमा

Wed, 15 Nov 2017 10:47 PM IST
Updated Wed, 15 Nov 2017 10:47 PM IST
विज्ञापन
नेपाल चुनाव के दौरान 72 घंटे सील रहेगी सीमा
बैतड़ी (पिथौरागढ़)। भारतीय सीमा से सटे नेपाल के सुदूर पश्चिमांचल के नौ जिलों में होने वाले प्रतिनिधि सभा और प्रदेश सभा के चुनावों के दौरान 72 घंटे पहले भारतीय सीमा सील रहेगी। इन जिलों में 26 नवंबर और सात दिसंबर को मतदान होगा। नेपाल में संविधान बनने के बाद पश्चिमांचल को क्षेत्र संख्या सात नाम दिया गया है।
विज्ञापन


पश्चिमांचल के नौ जिलों में प्रतिनिधि सभा (एमपी) की 16 सीटें और प्रदेश सभा (एमएलए) की 32 सीटें हैं। यहां के बैतड़ी, दार्चुला, बाजुरा और बजांग जिले में 26 नवंबर को मतदान होगा। डडेलधूरा, अछाम, डोटी, कैलाली और कंचनपुर में 7 दिसंबर को मतदान होगा। पहली बार हो रहे चुनाव में राज्य की राजधानी, मंत्रिमंडल का विस्तार, विधायकों के आवास संबंधी कई मामलों पर मुहर लगेगी। अब तक रही केंद्र सरकार ने दिपायल और अत्तरिया को राजधानी के लिए उपयुक्त बताया है।
विज्ञापन


इस समय क्षेत्र संख्या 7 के बजांग, दार्चुला, डडेलधूरा, बाजुरा, बैतड़ी और डोटी में प्रतिनिधि सभा की 1-1 सीट और प्रदेश सभा की 2-2 सीटें हैं, जबकि अछाम में प्रतिनिधि सभा की 2 सीटें और एमएलए की 4 सीटें, कंचनपुर में एमपी की 3 सीटें और एमएलए की 6 सीटें है। कैलाली में सबसे ज्यदा एमपी की 5 सीटें और एमएलए की 10 सीटें हैं। राज्य के सभी जिलों में जिला न्यायालय के जिला जज ही चुनाव में मुख्य चुनाव अधिकारी बनाए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


इन जिलों में चुनाव को शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए बड़ी संख्या में नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस और सामान्य पुलिस के जवान लगाए जाएंगे। चुनाव से 72 घंटे पहले भारत से लगी सीमाओं को बंद करने के लिए सीमा से लगे भारत के जिलों के अधिकारियों के साथ एक दौर की बैठक हो गई है। दूसरी बैठक इस सप्ताह के अंत में होगी।


नेपाल में होने वाले चुनाव के बाद सुदूर पश्चिमांचल के जिलों का विकास होने की उम्मीद है। अब तक नेपाल के लोगों को सभी सरकारी कामों के लिए दो दिन की यात्रा कर राजधानी काठमांडू जाना पड़ता है। राज्य गठन के बाद इनकी राजधानी ऐसी जगह पर बनाने के बारे में सोचा जा रहा है जो भौगोलिक दृष्टि से उपयुक्त होने से साथ-साथ प्रत्येेक जिले के नजदीक हो। साथ ही यहां पर कई विश्व प्रसिद्ध मंदिर होने के साथ ही नेशनल पार्क, प्राकृतिक गुफाएं और सुंदर स्थान भी हैं। यहां के राज्यों में बनने वाली सरकारें इन स्थानों का पर्यटन की दृष्टि से विकास करेंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed